चोपता (Chopta) : भारत का स्विट्जरलैंड

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हिमालय की तलहटी में बसे “भारत के स्विट्जरलैंड” के नाम से प्रसिद्ध “चोपता” (Chopta) में आकर्षक प्रकृतिक नज़ारे के बीच ले ट्रैकिंग का मजा

beautiful village of uttarakhand

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चोपता (Chopta) – उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के अंतर्गत रुद्रप्रयाग में स्थित जिले में स्थित एक बेहद आकर्षक छोटा हिल स्टेशन है चोपता । रुद्रप्रयाग उच्च हिमालई क्षेत्र के अंतर्गत आता है । इसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 9514 फीट के आसपास है । प्रकृति की गोद में बसा चोपता न ही ग्रामीण पृष्ठभूमि का इलाका है और न ही शहरी । यह कम भीड़-भाड़ वाला बेहद शांत एक छोटा सा हिल स्टेशन है । यहां ठंड के मौसम में अच्छी खासी बर्फबारी होती है ।

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बर्फबारी के दौरान यह क्षेत्र बेहद मनोरम हो जाता है, ऐसे लगता है जैसे प्रकृति द्वारा सफेद चांदी की बारिश कर रही हो और बर्फ से आच्छादित पहाड़ बेहद आकर्षक लगते हैं । इसीलिए चोपता को ‘भारत का मिनी स्विट्ज़रलैंड’ के नाम से भी जाना जाता है ।

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चोपता शांत वातावरण की नम हवा तन-मन को तरोताजा कर देती है । चोपता का सुंदर प्राकृतिक नजारा मन को उत्साह और संतुष्ट से भर देने वाला होता है ।

सुबह के समय जब सूर्य की किरणें हिमालय के पर्वतों पर पड़ती है तो प्रकृति का नजारा और भी ज्यादा आकर्षक हो जाता है । चोपता बुग्याल की पृष्टभूमि के लिए जाना जाता है । बुग्याल दूर तक फैले हरे-भरे घास के सुंदर मैदान होते हैं । चोपता में कस्तूरी मृग, मोनाल पक्षी, पिका माउस जैसे हिमालय के दुर्लभ प्रजातियों को देखा जा सकता है । चोपता से तुंगनाथ और चंद्रशिला के लिए पैदल यात्रा शुरू होती है । यहां से नंदा देवी, त्रिशूल पर्वत और चौखंबा की पहाड़ियों का सुंदर व स्पष्ट नजारा देखने को मिलता है । यहां पर छोटे – बड़े झरने भी देखे जा सकते हैं ।

यहां चारों तरफ बुरांश, बॉस और देवदार के पेड़ों का जंगल देखने को मिलता है । बुरांश और बांस के पेड़ों के बीच से पक्षियों की मधुर आवाज ऐसे मालूम पड़ती है जैसे प्रकृति ही कोई इंस्ट्रूमेंट बजाकर मधुर ध्वनि निकाल रही हो ।

चोपता में फोटोग्राफी, ट्रेकिंग, कैंपिंग, स्नो स्कीइंग, रॉक क्लाइंबिंग जैसी एक्टिविटी का मजा लिया जा सकता है ।

ट्रैकिंग (Tracking in Chopta) –

tracking in uttarakhand

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चोपता हिमालय की तलहटी में बसा है और ट्रेकिंग के लिए भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है । यहां पर ट्रैकिंग करने का एक अलग ही सुखद एहसास होता है । चोपता, तुंगनाथ, चंद्रशिला ट्रैक मार्ग पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है ।

फोटोग्राफी (Photography in Chopta)

Photography in chopta

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जो लोग प्रकृति के सौंदर्य को कैमरे में कैद करना चाहते हैं या फिर जो लोग फोटोग्राफी के शौकीन हैं उनके लिए यहां का प्राकृतिक वातावरण बेहद आकर्षक है । यहां की प्रकृति की सुंदर तस्वीरें को कैमरे में कैद किया जा सकता है । सुबह के समय सूर्य की पहाड़ों पर पड़ती किरणों से पहाड़ बेहद आकर्षक लगते है और प्राकृतिक का यह एक अलग ही अद्भुद नजारा होता है । इसे फोटोग्राफी के शौकीन लोग कैमरे में कैद करते हैं ।

कैंपिंग (Camping in Chopta)

camping in chopta

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चोपता में कैंपिंग का मजा लिया जा सकता है । जो लोग प्रकृत के साथ वक्त बिताना चाहते हैं उनके लिए यह एक बेहतरीन जगह है । यहां पर परिवार और दोस्तों के साथ प्रकृति की गोद में कैंप का मजा लिया जा सकता है । यहां के शांत वातावरण और हरे-भरे सुंदर घास के मैदान योगा और मेडिटेशन करने के लिए एक उपयुक्त जगह है । चोपता एक ऐसी जगह है जहां पर तापमान कभी भी 30 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं होता है । इसलिए मौसम चाहे ठंड का हो या गर्मी चौपता आने का प्लान करें तो अपने साथ कुछ गर्म कपड़े जरूर रखें, क्योंकि मौसम कोई भी हो यहां पर गर्म कपड़े की जरूरत महसूस हो सकती है । चौपता के आसपास केदारनाथ वन्य जीव अभ्यारण, चंद्रशिला, हरिदेवरिया ताल, अत्रि मुनि जलप्रपात आदि भी जाया जा सकता है ।

भगवान शिव का तुंगनाथ मंदिर (Tungnath Temple) –

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तुंगनाथ मंदिर ऊँचाई पर पहाड़ों के बीच स्थित है । इसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 12 हजार फीट है । तुंगनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसे पांडवों ने बनाया था । तुंगनाथ मंदिर चौपता के पास एक ऐसी जगह है, जहां पर ठंड के मौसम में बर्फबारी का मजा लेने के साथ ही अध्यात्म से भी रूबरू हुआ जा सकता है । तुंगनाथ मंदिर पंच केदारो में से एक बताया जाता है । ऐसी मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए इसी जगह पर तपस्या की थी । अप्रैल-मई के महीने में भी लोग यहाँ दर्शन के लिए आते है । नवंबर के महीने में यहां बर्फबारी के साथ बुरांश के फूल का सुंदर नजारा देखने को मिलता है, जो लोग बर्फबारी का मजा लेना चाहते हैं, वे नवंबर से फरवरी के बीच यहां दर्शन के लिए आ सकते हैं ।

चंद्रशिला चोटी –

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तुंगनाथ मंदिर से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर चंद्रशिला चोटी स्थित है । यहां पैदल ही जाया जाता है । चंद्रशिला की समुद्र तल से ऊंचाई लगभग 14 हजार फीट है । इतनी ऊंचाई पर स्थित होने की वजह से यहां पर कभी-कभी ऑक्सीजन की कमी भी महसूस होने लगती है । चंद्रशिला से हिमालय इतना पास मालूम पड़ता है कि जैसे लगता है कि बस हाथ बढ़ाकर इसे छुआ जा सकता है ।

देवरिया ताल

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देवरिया ताल चोपता से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । यह तुंगनाथ मंदिर के उत्तर दिशा में पड़ता है । देवहरिया ताल से चौखंबा और नीलकंठ के बर्फ से ढके पर्वत देखे जा सकते हैं । देवरिया ताल के एक तरफ बांस सुरांश के खूबसूरत जंगल देखने को मिलते हैं तो दूसरी तरफ बुग्याल के मखमली हरे घास का मैदान है ।

कैसे पहुंचे चोपता (How to reach Chopta)-

एक सुदूर इलाका है । दिल्ली से चोपता तक की दूरी करीब 440 किलोमीटर पड़ती है । चोपता के सबसे नजदीक एयरपोर्ट जैली ग्रांट है, जो कि 221 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । चोपता देहरादून से 246 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । चोपता जाने का सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है, जो कि 202 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । l इसके बाद बस, टैक्सी और जीप के द्वारा यहां पहुंचा जा सकता है । चोपता ऋषिकेश, पौड़ी, उत्तरकाशी, गोपेश्वर, गौरीकुंड, रुद्रप्रयाग होते हुए पहुंचा जा सकता है ।

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