जागर का महत्व: उत्तराखंड में इनके बुलाने पर देवताओं को आना पड़ता है

जागर का महत्व

देवभूमि में जागर का महत्व उत्तराखंड ‌को ऐसे ही देवभूमि नहीं कहा जाता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार समस्त 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास यहीं है। इन सभी देवी-देवताओं का हमारी संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान है। कहा जाता है कि ये देवी-देवता हर कष्ट का निवारण करने के लिये किसी पवित्र शरीर के माध्यम से लोगों के बीच आते हैं और उनका कष्ट हर लेते हैं।  जागर उत्तराखण्ड के गढ़वाल और कुमाऊँ मंडलों में प्रचलित पूजा पद्धतियों में से एक है। पूजा का यह रूप नेपाल के पहाड़ी भागों में…

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जाने अब तक कितने हें कोरोना वायरस के चपेट में देवभूमि उत्तराखंड से ?

उत्तराखंड को पर्यटन स्थल के तौर पर जाना जाता है । हजारों की संख्या में देश और विदेशों से पर्यटक देवभूमि उत्तराखंड की मनमोहक वादियों में घूमने और प्रकृति के सुंदर नजारों को देखने के लिए सैप भर आते रहते हैं । लेकिन एक वायरस के चलते उत्तराखंड का पर्यटन व्यापार बुरी तरीके से प्रभावित हो रहा है क्योंकि एतिहातन उत्तराखंड लॉक डाउन कर दिया गया है । जैसा कि मालूम है कोरोनावायरस जिसे COVID 19 के नाम से भी जाना जा रहा है, चीन के वुहान शहर से फैलना…

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जाने क्या है हिन्दू नववर्ष का इतिहास

हिन्दू नववर्ष

देवभूमि उत्तराखंड में हर त्यौहार, सामाजिक कार्य और कोई भी धार्मिक कार्य बड़े उत्साह और मनोरंजन के साथ मनाया जाता है। दोस्तो अंग्रेजी नए साल के बारे में तो आप सब जानते ही होंगे, लेकिन क्या आपको अपने हिन्दू नववर्ष के बारे में पता है, यदि नहीं तो आपको ये लेख अवश्य पड़ना चाहिए। हिन्दू नववर्ष का प्रारंभ शास्त्रों में लिखा है कि जिस दिन सृष्टि का चक्र प्रथम बार विधाता ने प्रवर्तित किया, उस दिन चैत्र शुदी १ रविवार था। हिन्दू नववर्ष अंग्रेजी माह के मार्च – अप्रैल में…

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” भिटौली ” उत्तराखंड की एक विशिष्ट परंपरा

भिटौली

वास्तव में उत्तराखंड एक बेमिसाल राज्य है। यहां मनाए जाने वाले हर त्यौहार के पीछे इसकी कोई ना कोई लोक कथा जरूर होती है या उस त्यौहार का सीधा संबंध प्रकृति से होता है। यहां पर कई अनोखी और विशिष्ट परंपराएं हैं। अनेक अनूठी परंपराओं के लिए पहचाने जाने वाले उत्तराखण्ड राज्य में मायके -ससुराल के प्रेम की एक अनूठी ‘भिटौली’ देने की प्राचीन परंपरा है। पहाड़ में सभी विवाहिता बहनों को जहां हर वर्ष चैत्र मास का इंतजार रहता है, वहीं भाई भी इस माह को याद रखते हैं…

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प्रसिद्ध कुमाऊनी और गढ़वाली मुहावरे [Latest 2020]

कुमाऊनी और गढ़वाली मुहावरे

दोस्तो  जेसे की लवदेवभूमी साइट का असली मकसद हैं, उत्तराखंड की परंपरा, धार्मिक मान्यता, भाषा,  संस्कृति, रीति रिवाज और पर्यटन जैसे सभी खूबसूरत एवं परंपरागत विधाओं को देश विदेश तक पहुंचाना है। इसी की ओर एक कदम बढ़ाते हुए आज हम आपके लिए उत्तराखंड की प्रसिद्ध और सुनने में खूबसूरत लगने वाली बोली पहाड़ी, कुमाऊनी और गढ़वाली भाषा के कुछ प्रसिद्ध मुहावरे लाए हैं, जिनका अपना महत्व है – आपण-मैतक-ढूँग-लै-प्यार हूँ। हिंदी अर्थ – अपने मायके का पत्थर भी प्यारा लगता है। अफणी देलिक कुकुर लेक भली हुँ | हिंदी…

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लंबकेश्वर महादेव जहाँ लंकेश कर बैठा अपनी सबसे बढ़ी भूल

Lambkeswar

जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि इस महादेव के स्थान का लंका के राजा लंकेश यानी रावण से कुछ ना कुछ संबंध जरूर होगा। जी हां आप लोग सही सोच रहे हैं। दोस्तो मैंने जब इस जगह या स्थान के बारे में सुना तो मुझे भी बड़ा आश्चर्य हुआ कि महादेव का ऐसा स्थान कहा हैं और इसकी क्या मान्यता हैं और जब मैने इसके बारे में जानकारी जुटाई तो सच में दोस्तों मैं स्तब्ध रह गया और मैंने उसी समय सोच लिया था कि मैं…

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जानिए क्यों मनाया जाता है उत्तराखंड का फूलदेई पर्व

PhoolDai

फूलदेई पर्व उत्तराखंड की धरती पर ऋतुओं के अनुसार कई अनेक पर्व मनाए जाते हैं । यह पर्व हमारी संस्कृति को उजागर करते हैं। वहीं पहाड़ की परंपराओं को भी कायम रखे हुए हैं । इन्हीं खास पर्वो में शामिल “फूलदेई पर्व” उत्तराखंड में एक लोकपर्व है | उत्तराखंड में इस त्योहार की काफी मान्यता है | इस त्योहार को फूल सक्रांति भी कहते हैं। जिसका सीधा संबंध प्रकृति से है । इस समय चारों ओर छाई हरियाली और नए-नए प्रकार के खिले फूल प्रकृति की खूबसूरती में चार-चांद लगा…

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जाने देवभूमि उत्तराखंड की कुछ प्रसिद्ध महिलाओं के बारे मे

womanDay

हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है । महिला दिवस मनाने का मकसद महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना है । महिला दिवस के अवसर पर चलिए जानते हैं उत्तराखंड की उन महिलाओं के बारे में जिन्होंने अपने हिम्मत और हौसले के दम से यह साबित कर दिया कि महिलाएं पुरुषों से कम नहीं है – गौरा देवी – गौरा देवी का जन्म देवभूमि उत्तराखंड के चमोली जिले में 1925 में हुआ था । जब इनकी उम्र मात्र 11 वर्ष थी…

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उत्तराखंड का विश्वप्रसिद्ध चमत्कारिक धाम | फेसबुक और एप्पल के मालिक के गुरू का आश्रम

kainchi dham

दोस्तों आज हम आपको एक ऐसे धाम, आश्रम या फिर मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में शायद आप लोगो ने सुना होगा और बहुत से लोगों ने इस धाम के दर्शन भी किए होंगे। इस धाम को किसी परिचय की जरूरत नहीं है। इस धाम के चमत्कार से भारत ही नहीं बल्कि पूरा विश्व परिचित हैं। उत्तराखंड को देवो की भूमि देवभूमि कहा जाता है और यहां के धार्मिक महत्व के बारे में पूरा विश्व जानता हैं। तो चलिए ऐसे ही एक विश्व प्रसिद्ध धाम…

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जानिए कहाँ मनायी जाती है उत्तराखंड की विश्वविख्यात होली

उत्तराखंड की होली

होली का त्यौहार हिन्दू धर्म से संबंधित है। हिंदुस्तान में इस त्यौहार को केवल हिंदू लोग ही मनाते हैं, लेकिन उत्तराखंड में इस त्यौहार को सभी धर्मों के लोग बड़े उत्साह से मनाते हैं। उत्तराखंड में होली का त्यौहार सबसे ज्यादा लोकप्रिय त्यौहार माना जाता है। उत्तराखंड की सबसे ज्यादा प्रसिद्ध होली अल्मोड़ा जिले की मानी जाती है। उत्तराखंड की होली देखने और मनाने के लिए काफी संख्या में विदेशी पर्यटक भी यहां आते हैं और होली के रंग में रंग जाते हैं। चलिए दोस्तो आज हम आपको उत्तराखंड की…

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उत्तराखंड में पायी जाने वाली जड़ी बूटियाँ जिनकी कीमत प्रति किलो 8-10 लाख रुपए है

जाने देवभूमि उत्तराखंड के 5 औषधीय जड़ी बुटियों के बारे में देवभूमि उत्तराखंड में बेहद खूबसूरत प्रकृति के नजारे देखने को मिलते हैं यहाँ कई सारे छोटे और बड़े बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है । लेकिन यहाँ प्राकृतिक के नजारों के साथ कई तरह के जड़ी बूटियों भी पाई जाती हैं जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है । इस वजह से कुछ जड़ी बूटियों की कीमत तो 8 से 10 लाख रुपये प्रति किलो तक भी होती है । आज हम जानेंगे कुछ ऐसे ही जड़ी बूटियों के…

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उत्तराखंड का एकमात्र ऐसा मंदिर जहां सूर्य निकलते ही सूर्य की पहली किरण इस मंदिर में पड़ती है।

कटारमल सूर्य मंदिर

आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जो की पूरे भारत में केवल दो ही जगह स्थित है। जिसमें से एक हैं उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में। यह मंदिर उत्तराखंड में स्थित अल्मोड़ा जिले के अधेली सुनार गांव में भगवान सूर्य देव को समर्पित विश्व विख्यात  कटारमल मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यह अल्मोड़ा से 17 किलोमीटर की दूरी पर 3 किलोमीटर पैदल कच्चे रास्ते पर चलने के बाद पश्चिम की ओर स्थित है। यह मंदिर एक सुंदर पहाड़ी पर्वत पर समुद्र तल…

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जानते है देव भूमि उत्तराखंड के 10 सबसे ठंढी खूबसूरत जगह के बारे में

उत्तराखंड में ऐसे कई सारी जगह है जहाँ से गर्मी का एहसास तक नहीं होता है गर्मी के मौसम में भी ठंड लगती है । देवभूमि उत्तराखंड में हरे भरे जंगल उफनती नदियों की धाराएँ और वहाँ का सुखद मौसम हर किसी को अपनी तरफ़ आकर्षित करता है । आज हम जानेंगे उत्तराखंड के कुछ ऐसी जगहों के बारे में जहाँ गर्मियों में भी तापमान बेहद कम होता है और ठंड के मौसम में तो वहाँ बर्फ़ पड़ी रहती है । आइये जानते हैं उत्तराखंड के सबसे ठंडी जगहों के…

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उत्तराखण्ड की ऐसी जगह जहां शिव ने बाघ का रूप धारण किया

bagnath temple bageswar

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर जो बागनाथ के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर सिर्फ बागेश्वर जिले में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। बागेश्वर जिले का नाम भी इसी मंदिर के आधार पर रखा गया है। यह मंदिर समुद्र तल से 1004 मीटर की ऊंचाई पर सरयू तथा गोमती नदी के संगम पर स्थित है। इसके पूर्व में भिलेश्वर पर्वत, पश्चिम में नीलेश्वर पर्वत, उत्तर में सूर्यकुण्ड तथा दक्षिण में अग्निकुंड स्थित है। इस मंदिर का निर्माण कुमाऊं के राजा…

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जाने रहस्यमय शिव मंदिर के बारे में जहाँ विज्ञान भी फेल हैं

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आज हम आपको एक ऐसे शिव मंदिर के बारे में बता रहे हैं जिसके बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर में विज्ञान भी फेल हो जाता है। तो चलिए जानते हैं कि ऐसा शिव मंदिर कहा हैं और इसकी मान्यता क्या है – ये शिव मंदिर उत्तराखंड के जिला पिथौरागढ़ जिसे सोर घाटी और मिनी कश्मीर के नाम से भी जाना जाता है, से लगभग ६-७ कि ० मी ० दूर चंडाक में स्थित मोस्टामानू मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हैं। मोस्टामानू देवता को इस क्षेत्र के आराध्य…

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क्या आप जानते हैं  उत्तराखंड का एकमात्र घाट जहाँ सूर्यास्त के बाद भी जलती हैं चिताएं ?

अल्मोड़ा के इतिहास के बारे में जाने तो अल्मोड़ा कुमाऊँ हिमालय श्रृंखला की एक पहाड़ी के दक्षिणी किनारे पर स्थित है। अल्मोड़ा की स्थापना राजा बालो कल्याण चंद ने 1568 में की थी। अल्मोड़ा, कुमाऊं  पर शासन करने वाले चंदवंशीय राजाओं की राजधानी थी। अल्मोड़ा को धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक आस्था की दृष्टि से यहां कई ऐसे मंदिर हैं जिनकी ख्याति देश विदेशो में भी हैं। वैसे तो अल्मोड़ा के बारे में कई रोचक जानकारियां मौजूद है लेकिन आज जो हम आप…

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Uttarakhand GK In Hindi Set 9 [Updated]

Uttarakhand GK In Hindi

Uttarakhand GK In Hindi 9 Asked Question Paper Here we have collected some important General Knowledge question related to Uttarakhand GK (Uttarakhand General Knowledge) which will cover Uttarakhand Group C exam, Uttarakhand LT Exam, Uttarakhand forest guard GK and many other competitive exam related to Uttarakhand . 1. अस्कोट वन्य जीव विहार संरक्षित है: (a) बाघ की प्रजाति के लिए (b) कस्तूरी मृग की प्रजाति के लिए (c) हाथी की प्रजाति के लिए (d) इनमें से कोई नहीं उत्तर-(b) 2. राज्य के नीति निदेशक तत्वों का उद्देश्य है: (a) गांधी…

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GK for Uttarakhand In Hindi Set 8 [Updated]

Uttarakhand GK In Hindi

 GK for Uttarakhand In Hindi Set 8 Asked Question Paper Here we have collected some important General Knowledge question related to Uttarakhand GK (Uttarakhand General Knowledge) which will cover Uttarakhand Group C exam, Uttarakhand LT Exam, Uttarakhand forest guard GK and many other competitive exam related to Uttarakhand . 1.भेंकल ताल एवं ब्रह्म ताल दर्शनीय स्थल स्थित है: (a) पिथौरागढ़ जिले में (b) चमोली जिले में (c) बागेश्वर जिले में (d) उत्तरकाशी जिले में उत्तर-(b) 2. यूनेस्को (यू० एन० ई० एस० सी० ओ०) द्वारा ‘फूलों की घाटी’ को विश्व धरोहर…

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क्या आप जानते हैं टीवी सीरियल और फ़िल्मों में विभिन्न किरदार निभाने वाले उत्तराखंड के सुधीर पांडे जी को ?

सुधीर पांडे इन दिनों भारतीय फिल्म और टेलीविजन सीरियल में अभिनेता के तौर पर जाने जाते हैं । इन्होंने न सिर्फ हिंदी बॉलीवुड सिनेमा में बल्कि टीवी सीरियल में भी खूब नाम और सम्मान कमाया है । ये अपनी दमदार आवाज, दमकते चेहरे और जबरदस्त सादगी भारी एक्टिंग के दम पर अपनी एक अलग पहचान सिनेमा जगत में बना लिए । सुधीर पांडे जी अपने बुजुर्गों वाले के किरदार के लिए जाने जाते हैं । इनका मानना है कि हीरो का काम होता है कि वह किसी भी किरदार में…

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Uttarakhand GK In Hindi Set 7 Asked Question Paper

Uttarakhand GK In Hindi

Uttarakhand GK In Hindi Set 7 Asked Question Paper Here we have collected some important General Knowledge question related to Uttarakhand GK (Uttarakhand General Knowledge) which will cover Uttarakhand Group C exam, Uttarakhand LT Exam, Uttarakhand forest guard GK and many other competitive exam related to Uttarakhand . 1.’अल्मोड़ा अखबार’ का प्रकाशन किस वर्ष में हुआ? (a) 1862 ई. (b) 1852 ई. (c) 1871 ई. (d) 1876 ई. उत्तर -(c) 2. महात्मा गांधी ने ‘अनाशक्ती योग टीका’ कहां लिखी थी? (a) हरिद्वार (b) कौसानी (c) अल्मोड़ा (d) इनमें से कोई…

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