Famous Kumauni Holi Songs Lyrics | प्रसिद्ध कुमाऊँनी होली गीतों के बोल

🌈 कुमाऊँनी Holi Songs lyrics – परम्परा, रंग और संगीत

कुमाऊँ की होली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि यह शास्त्रीय संगीत, भक्ति और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम है। Kumauni Holi Songs Lyrics आज भी पीढ़ी दर पीढ़ी गाए जाते हैं और हर वर्ष फाल्गुन माह में पूरे कुमाऊँ क्षेत्र में संगीत की मधुर ध्वनि गूंज उठती है। बैठकी होली की गंभीर राग-रागिनियाँ हों या खड़ी होली की उत्साहपूर्ण धुनें — हर शैली अपने आप में विशेष है।

कुमाऊँनी होली गीतों के बोलों में भगवान कृष्ण की रास लीला, शिव-पार्वती का रंग उत्सव, और लोक जीवन की सरलता झलकती है। “जल कैसे भरूँ जमुना गहरी”, “हाँ हाँ हाँ मोहन गिरधारी” और “होली खेलत हैं कैलाशपति” जैसे गीत आज भी गाँवों से लेकर शहरों तक पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ गाए जाते हैं। इन गीतों की खास बात यह है कि इनके लिरिक्स लोकभाषा में होते हैं, जो सीधे दिल को छू जाते हैं।

आज के डिजिटल दौर में लोग kumauni holi songs lyrics को ऑनलाइन खोजकर सीखते हैं और अपने परिवार व मित्रों के साथ होली के अवसर पर गाते हैं। यह परंपरा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का माध्यम भी है।

यदि आप भी कुमाऊँनी होली के असली रंग और रस का अनुभव करना चाहते हैं, तो इन पारंपरिक होली गीतों के बोल अवश्य पढ़ें और इस होली उन्हें गुनगुनाएँ। 🌸🎶

✨ कुमाऊँनी होली गीतों का महत्व (Kumauni Holi)

कुमाऊँ में होली गीत पारंपरिक रूप से तीन रूपों में गाए जाते हैं —
बैठकी होली, खड़ी होली और महिला होली। ये गीत न केवल त्योहार की खुशी दर्शाते हैं, बल्कि भगवान कृष्ण की लीलाओं, प्रकृति के रंग और समुदाय की एकता की भावना भी जगाते हैं।

🎶 प्रसिद्ध कुमाऊँनी होली गीत एवं उनके बोल (famous kumauni holi songs lyrics )

कुमाऊँ की होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि यह शास्त्रीय संगीत, भक्ति और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम है।
यहाँ प्रस्तुत हैं प्रसिद्ध कुमाऊँनी होली गीत और उनके पारंपरिक बोल।


1️⃣ जल कैसे भरूँ जमुना गहरी (Jal Kese Bharu Jamuna Gahri Holi Songs)

जल कैसे भरूं जमुना गहरी,
जल कैसे भरूं जमुना गहरी,
ठाड़े भरूं राजा राम देखत हैं,
बैठी भरूं भीजे चुनरी.
जल कैसे भरूं जमुना गहरी.
धीरे चलूं घर सास बुरी है,
धमकि चलूं छ्लके गगरी.
जल कैसे भरूं जमुना गहरी.
गोदी में बालक सर पर गागर,
परवत से उतरी गोरी.
जल कैसे भरूं जमुना गहरी.

2️⃣ मथुरा में खेले एक घडी (Mathura mei khele koi holi songs)

मथुरा में खेले एक घडी,
मथुरा में खेले   एक घडी,
 काहे के हाथ में डमरू बिराजे!
 काहे के हाथ के लाल छड़ी,!!
 मथुरा में खेले एक घडी,
 राधा के हाथ में डमरू विराजे!
 कृष्ण के हाथ में लाल छड़ी!
मथुरा में खेले एक घडी,
 काहे के सर में मुकुट विराजे!
 काहे के सिर में है पगड़ी!
मथुरा में खेले एक घडी,
 राधा के सिर में मुकुट विराजे!
 कृष्ण के सिर में है पगड़ी!
मथुरा में खेले एक घडी..२
 काहे के सिर पर मोतियन लड़ी,
 कहे के हाथ में मंजीरा सोहे!
 काहे के हाथ के ताल खड़ी!
 मथुरा में खेले एक घडी,
 राधा के हाथ में मंजीरा सोहे!
 कृष्ण के हाथ के ताल खड़ी!
मथुरा में खेले एक घडी,
 मथुरा में खेले एक घडी,
 मथुरा में खेले एक घडी,

3️⃣ धरती बनी है जो अमर कोई (Dharti Bani hei jo amar koi Lyrics)

धरती बनी है जो अमर कोई
 धरती जो बनी है अमर कोई!
 नौ लाख तारे गगन बिराजै!
 सूरज चले चंदा दोई धरती!
 नौ लाख गंगा, भू में बिराजै!
 यमुना बहे गंगा दोई धरती
 नौ लाख योधा जंग मै बिराजै!
 राम मई लछिमन दोई धरती!
 नौ लाख देवी जग में बिराजै!
 काली माई दोई धरती!
 नौ लाख तपस्वी जंग में बिराजै!
 ध्रुव भयो श्रवण दोई धरती!
 नौ लाख नेता जग में बिराजै !
 गाँधी ममो जवाहर दोई धरती !

4️⃣ शिव के मन माहि बसे काशी (Shiv kei Man Mahi Holi song)

 शिव के मन माहि बसे काशी
 शिव के मन माहि बसे काशी -२
 आधी काशी में बामन बनिया,
 आधी काशी में सन्यासी, शिव के मन
 काही करन को बामन बनिया,
 काही करन को सन्यासी, शिव के मन…
 पूजा करन को बामन बनिया,
 सेवा करन को सन्यासी, शिव के मन…
 काही को पूजे बामन बनिया,
 काही को पूजे सन्यासी, शिव के मन…
 देवी को पूजे बामन बनिया,
 शिव को पूजे सन्यासी, शिव के मन…
 क्या इच्छा पूजे बामन बनिया,
 क्या इच्छा पूजे सन्यासी, शिव के मन…
 नव सिद्धि पूजे बामन बनिया,
 अष्ट सिद्धि पूजे सन्यासी, शिव के मन…

5️⃣ हाँ हाँ हाँ मोहन गिरधारी (Ha Ha Mohan Girdhari Holi Song)

हाँ हाँ हाँ मोहन गिरधारी,
हाँ हाँ हाँ मोहन ...


ऐसो अनाड़ी चुनर गयो फाड़ी,
ओ हो हँसी हँसी दे गयो गारी,
मोहन गिरधारी,
हाँ हाँ हाँ मोहन ...


चीर चुराय कदम चढ़ी बैठ्यो,
पातन जाय छिपोई,
मोहन गिरधारी,
हाँ हाँ हाँ मोहन ...


बाँह पकड़ मोरी अंगुली मरोड़ी,
नाहक रार मचाय,
मोहन गिरधारी,
हाँ हाँ हाँ मोहन ...


दधि मेरो खाय मटकी मेरी तोड़ी,
हँसी हँसी दे गयो गारी,
मोहन गिरधारी,
हाँ हाँ हाँ मोहन ...


जमुना के तट पर बंसी के बट पर,
अंगियाँ भिगा गयो सारी,
मोहन गिरधारी,
हाँ हाँ हाँ मोहन ...


आवन कह गए अजहु न आवै,
झूठी प्रीत लगायी,
मोहन गिरधारी,
हाँ हाँ हाँ मोहन ...


साँवल रूप अहीर को छोरो,
नैनन की छवि न्यारी,
मोहन गिरधारी,
हाँ हाँ हाँ मोहन ...

 


6️⃣ बलमा घर आयो फागुन में (Balma Ghar aayo fagun mei Holi)

बलमा घर आयो फागुन में
 बलमा घर आयो फागुन में -२
  जबसे पिया परदेश सिधारे,
 आम लगावे बागन में, बलमा घर…
 चैत मास में वन फल पाके,
 आम जी पाके सावन में, बलमा घर…
 गऊ को गोबर आंगन लिपायो,
 आये पिया में हर्ष भई,
 मंगल काज करावन में, बलमा घर…
 प्रिय बिन बसन रहे सब मैले,
 चोली चादर भिजावन में, बलमा घर…
 भोजन पान बानये मन से,
 लड्डू पेड़ा लावन में, बलमा घर…
 सुन्दर तेल फुलेल लगायो,
 स्योनिषश्रृंगार करावन में, बलमा घर…
 बसन आभूषण साज सजाये,
 लागि रही पहिरावन में, बलमा घर…

7️⃣ गिरिजा सुत गणपति

गिरिजा सुत गणपति विघ्न हरो,
घर-घर मंगल काज करो।

गिरिजा सुत गणपति विघ्न हरो,
घर-घर मंगल काज करो।

लम्बोदर गज बदन विनायक,
भाल अरुण ए रंग परो।

गिरिजा सुत गणपति विघ्न हरो,
घर-घर मंगल काज करो।

चार भुजा मूसक की सवारी,
विघ्न अमंगल देखि हरो।

गिरिजा सुत गणपति विघ्न हरो,
घर-घर मंगल काज करो।

इंदु भाल गज बदन विनायक,
श्वेत बरन एक दन्त धरो।

गिरिजा सुत गणपति विघ्न हरो,
घर-घर मंगल काज करो।

सुर नर मुनि सब ध्यान धरत हैं,
नहीं गणपति बिन काज करो।

गिरिजा सुत गणपति विघ्न हरो,
घर-घर मंगल काज करो।

द्वादश मंत्र जपो निशि वासर,
नाम सुमरि ले दुःख हरो।

गिरिजा सुत गणपति विघ्न हरो,
घर-घर मंगल काज करो।

 

8️⃣  होली खेलत हैं कैलाशपति (Holi Khelat hei KailashPati)

होली खेलत हैं कैलाशपति,
होली खेलत हैं शिव पार्वती।

जिनकी जटा में गंगा विराजै,
माथे में चाँद सुहाय अति।

होली खेलत हैं कैलाशपति।

हाथ में जिनके डमरू विराजे,
कान में कुंडल झलके अति।

होली खेलत हैं कैलाशपति।

बैठे बाघम्बर, ओढ़े दिगंबर,
अंग विभूति रमाये अति।

होली खेलत हैं कैलाशपति।

तीनों लोक के त्रिशूल हाथ में,
कंठ में नाग की डोर गुँथी।

होली खेलत हैं कैलाशपति।

नंदी गण को साथ है जिनको,
पीवत भांग धतूर अति।

कैलाश में हैं देव निरंजन,
साथ में गिरिजा और सती।

होली खेलत हैं कैलाशपति।

🌸 कुमाऊँ की होली – रंग, राग और भक्ति का अद्भुत संगम 🌸 👉 यह होली आपका उत्साह और दिल दोनों रंगीन कर दे —रंगों की तरह गीत भी आपकी यादों में हमेशा चमकते रहें! 🌺✨

 

Piyush Kothyari

Hi there, I'm Piyush, a proud Uttarakhand-born author who is deeply passionate about preserving and promoting the culture and heritage of my homeland. I am Founder of Lovedevbhoomi, Creative Writer and Technocrat Blogger.

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