कौतिक – कुमाउँनी संस्कृति का अभिन्न अंग

सांस्कृतिक पर्व – उत्सव किसी भी देश की वो रंगीन धरोहर होते हैं जो वहाँ की कलात्मक परंपरा की सोंदर्यता का चित्रण एक अलग ही अंदाज़ में बयान करते हैं. और जब ऐसी कलात्मक संस्कृति का परिचय हो तो भारत उसमे अग्रणी स्थान अर्जित करता हैं. भारत के सभी राज्यों में ऐसी परंपरा के रुझान को सुचारु रूप से सक्रिय रखने में एक अभूतपूर्व उत्सव के तौर कई छोटे और बड़े पैमाने पर समय समय में विभिन्न लोक – सांस्कृतिक पर्वो को मनाया जाता हैं. और यही देश की विभिन्ता…

Read More

उचित  संवाद सकारात्मक बदलाव के लिए जरूरी है

devbhoomi blog

अक्सर आजकल लोग दो पीढ़ियों के बीच जनरेशन गैप आने की बात करते हैं परंतु मेरा मानना है कि उससे कहीं ज्यादा हानिकारक होता है कम्युनिकेशन गैप यानी कि खुलकर बातचीत का ना होना | आज जीवन में बढ़ती व्यस्तता के साथ, गांव से शहरों की ओर पलायन होने से पुरानी पीढ़ी और नई पीढ़ी के बीच यह कम्युनिकेशन गैप बढ़ता ही जा रहा है जिसकी वजह से कई सारी गलतफहमियां एवं मतभेद पैदा हो गए हैं जैसे कि जहां पुरानी पीढ़ी, नई पीढ़ी को मॉडर्न  यानी कि आधुनिकता एवं…

Read More