उत्तराखंड के कुछ डरावनी जगहों के बारे में जहां पर अजीबो-गरीबो घटनाएं होती रहती है

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| जानते हैं उत्तराखंड के कुछ डरावनी जगहों के बारे में जहां पर अजीबो-गरीबो घटनाएं होती रहती है (haunted places in Uttarakhand in hindi) |

हम सभी जानते हैं डरावनी जगह हर जगह होती है लेकिन कुछ लोग उसे देखकर बहुत डर जाते हैं लेकिन कुछ लोगों को डर का एहसास भी नहीं होता है वो भूत, आत्माएं, रूहो जैसी किसी भी चीज को नहीं मानते हैं। हमारे उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से जाना जाता है जिसे देवताओं का भूमि भी कहा जाता है हमारे उत्तराखंड में बहुत सारी डरावनी जगह है। हमारे उत्तराखंड मे रहने वाले लोग हमेशा ही इस आत्मा और रूहो के बारे में बताते रहते हैं। जिन बातो पर बाहर से वाले लोग बिल्कुल ही विश्वास नहीं कर पाते हैं। यहां के लोगों ने तो अब इन सब चीजों को अपने जीवन का हिस्सा ही बना लिया है क्योंकि उन्हें दिन-रात यही सब देखना पड़ता है। तो चलिए जानते हैं उत्तराखंड की कुछ ऐसे ही डरावनी जगहो (haunted places in Uttarakhand in hindi) के बारे में –

1.) सबसे पहले जानते हैं लांबी देहरा खान मसूरी की सबसे डरावनी जगह के बारे में (Mystery of Lambi Dehar Mines Mussoorie)

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वैसे तो हम सभी ने बहुत सारी डरावनी जगह के बारे में सुना है लेकिन हमारे उत्तराखंड में पहाड़ों की रानी मसूरी के बाहर एक बहुत पुरानी खान है जिसे ‘लांबी देहरा का खान’ कहा जाता है ये खान अंग्रेजों के ज़माने में मार्बल की खान हुआ करता था। वहां के लोगों के अनुसार कहां जाता है कि जब कोई गाड़ी वहां से गुजरती थी तो वह गाड़ी अपने आप सड़क से उतर जाती थी। उसके साथ वहां के लोगों ने यह भी कहा कि यहां पर बहुत सारे लोगों की एक साथ चीखने चिल्लाने की आवाज भी शाम के समय में सुनाई देता है या कभी-कभी दिन में भी सुनाई देने लगता है। यह भी बताया जा रहा है कि यहां पर ‘इंडियन पैरानोर्मल सोसाइटी’ आकर इस घटना के बारे में रिसर्च कर चुकी है, जांच करने के बाद वो लोग भी इस जगह को रूहो का बसेरा समझने लगे हैं। वहां के लोगों का कहना है कि 1990 से पहले तक लांबी देहरा खान में 50000 से ज्यादा श्रमिक वहां पर चुने की खान में काम कीया करते थे। जबकी चूने की खान में काम करते समय बहुत सावधानियां के साथ वहां पर काम करना पड़ता है। जिनका ध्यान नहीं रखा गया। जिसके कारण बहुत सारे मजदूरों के फेफड़े में चुना जम गया। जिसके कारण उन्हें खून की उल्टियां होना शुरू हो गया। जिसके कारण 50 से ज्यादा मजदूरों की मौत वहां पर हो गई और बाकी जो बचे हुए थे वो भी ट्रक एक्सीडेंट में मर गए। लांबी देहरा खान को भारत की 20 सबसे बड़ी प्रेत-बाधित जगहों में से एक माना जाता है।

2. चलिए अब जानते हैं मसूरी के मुलिंगर हवेली के बारे मे

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हमारे उत्तराखंड के आस पास 1825 मे बसाई गयी मसूरी शहर मे सबसे पुरानी एक इमारत है जिसे मुलिंगर हवेली कहां जाता है। मसूरी को बसाने वाले लोगों में से एक थे ‘कैप्टन यंग’ ब्रिटिश मिलिट्री के अधिकारी कैप्टेन यंग ने अपने रहने को मसूरी में एक हवेली बनवाया था जिस हवेली को उन्होंने मुलिंगर हवेली नाम रखा था। मसूरी के लोगों का कहना है कि कैप्टन यंग को अपनी हवेली से बहुत ज्यादा प्यार था। भारत में जो पहली गोरखा बटालियन बनी, यंग उसके पहले कैप्टेन थे। मसूरी के लोगों का कहना है कि जब कैप्टेन यंग इस दौरान अपनी हवेली में गए तो उसके बाद वो अपनी हवेली से कभी नहीं निकले और ना ही उनका पता चला कि वह कहां चले गए। उसके बाद से ही उस हवेली से अजीबो-गरीबो आवाज सुनाई देने लगा मानो ऐसा महसूस हो रहा था कि जैसे इस खूबसूरत हवेली में कोई रह रहा है।उसके बाद से वहां के लोगों ने ये भी दावा किया कि इस हवेली में कैप्टन यंग का भूत रहता है।जो कि इस तरह का अजीबो-गरीब आवाज निकालता रहता है जिससे वहां के लोगों में उस हवेली का नाम सुनते ही उनके दिलों में डर सा बस गया है।

3. जानते हैं लोहाघाट के होंटेड हाउस के बारे में

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हमारे उत्तराखंड के चम्पावत जिले के लोहाघाट में अंग्रेजों के समय मे एक ब्रिटिश दंपति ने एक घर बनाया था जो कि अंग्रेजों के जमाने से था। घर बनाने के बाद वह लोग वहां से चले गए उसके बाद ब्रिटिश सेना ने इस घर को एक अस्पताल की तरह रखने लगा। उसके बाद ब्रिटिश सेना ने इस अस्पताल के लिए एक अनोखा डॉक्टर रखा था। वहां के लोग कहते थे कि ये अंग्रेज डॉक्टर जो भी मरीज आता था उससे बात करने के बाद उनके जन्म और मृत्यु का भविष्यवाणी करता था। भविष्यवाणी करने के बाद भविष्यवाणी के कुछ दिन पहले ही उस मरीज को मुक्त कोठरी नामक एक विशेष वार्ड में जाकर रख दिया जाता था। उसके बाद डॉक्टर मरीज को अपनी वित्तीय शक्तियों के बारे में बताता था। लेकिन हमारे उत्तराखंड के जो लोग थे वो डॉक्टर के शक्ति को बिल्कुल नहीं मानते थे। उनका मानना था कि डॉक्टर के पास कोई शक्ति नहीं है बल्कि वह एक बिशेस वार्ड में मरीजों को ले जाकर मार देते थे। लोगों का कहना है कि जितने लोगों को डॉक्टर ने मारा था।उन सब की आत्माएं अभी भी होंटेड हाउस मे रहती है। जिसे वहां पर लोगों को जाने में भी डर सा महसूस होता रहता है इसीलिए वहां के लोग हांटेड हाउस को डरावना हाउस भी कहते हैं।


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