जाने अब तक कितने हें कोरोना वायरस के चपेट में देवभूमि उत्तराखंड से ?

उत्तराखंड को पर्यटन स्थल के तौर पर जाना जाता है । हजारों की संख्या में देश और विदेशों से पर्यटक देवभूमि उत्तराखंड की मनमोहक वादियों में घूमने और प्रकृति के सुंदर नजारों को देखने के लिए सैप भर आते रहते हैं । लेकिन एक वायरस के चलते उत्तराखंड का पर्यटन व्यापार बुरी तरीके से प्रभावित हो रहा है क्योंकि एतिहातन उत्तराखंड लॉक डाउन कर दिया गया है । जैसा कि मालूम है कोरोनावायरस जिसे COVID 19 के नाम से भी जाना जा रहा है, चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुआ था और अब यह महामारी का रूप धारण करके पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है । भारत में अब तक कुल 4122 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं तथा 117 लोगों की मौत हो चुकी है । वही बात अगर देवभूमि उत्तराखंड की करें तो अब तक उत्तराखंड में 26 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है ।

देशभर में बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को “जनता कर्फ्यू” की घोषणा की थी, उसके बाद भारतीय रेलवे ने मालगाड़ियों को छोड़कर सभी पैसेंजर रेलगाड़ियों को 15 अप्रेल तक के लिए रद्द कर दिया है । उत्तराखंड में काफी बड़ी मात्रा में देश और विदेश से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं । उत्तराखंड में कोरोनावायरस के मामलों की पुष्टि होने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्य सचिव और बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई, उसके बाद 15 अप्रेल तक के लिए उत्तराखंड को लॉक डाउन करने के आदेश के साथ ही सभी प्रकार की परिवहन सेवाओं को 15 अप्रेल  तक के लिए बंद करने का फैसला लिया है । मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि जो लोग जहां है, वहीं पर रहे, शहर से गांव की तरह न भागें । मुख्यमंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से घबराने की जरूरत नही है बस अपने घरों में रहे और भीड़ वाली जगह जाने से बचे । 

मालूम हो कि उत्तराखंड में पहले कोरोना वायरस से तीन व्यक्ति पॉजिटिव मिले थे  । ये तीनो ही देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) के अधिकारी है, जो विदेश दौरे से वापस आये थे । इसलिए एफआरआइ के पूरे परिसर को, जो कि 1200 एकड़ में फैला है, को लॉक डाउन कर दिया गया था । मालूम हो कि इस क्षेत्र में एफआरआई व आईजीएनएफए, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, राज्य वन सेवा निदेशालय, यूनिवर्सिटी के कर्मचारी और उनके परिवार रहते हैं । इस तरह से लगभग 1500 लोग इस जगह पर रहते हैं ।

देहरादून के डीएम ने आदेश जारी करके कहा है कि ये लोग इस परिसर के बाहर नहीं जा सकते, इस लॉक डाउन से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि यह एतिहात के तौर पर किया जा रहा है, जिससे कोरोना संक्रमण से बचा जा सके और यदि इस परिसर में किसी भी व्यक्ति को कोरोना संक्रमण की कोई लक्षण दिखता है तो उसे समुचित उपचार प्रदान किया जा सके । यहाँ रह रहे लोगो को किसी भी चीज के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है, सभी जरूरी आवश्यक चीजें यहां पर पहुंचा दी जाएंगे । 

उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले सभी लोगों को चाहे वह देश का हो या फिर कोई विदेशी नागरिक, सबकी निगरानी की जा रही है । प्रदेश के लॉक डाउन पर मुख्य सचिव ने प्रदेशवासियों को आश्वासन दिया है कि इस दौरान खाद्यान्न, तेल, सब्जी, फल, पेट्रोल डीजल समेत दैनिक आवश्यकता से जुड़ी सभी वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रखी जाएगी । बता दें उत्तराखंड में कोरोना वायरस का पहला मामला 16 मार्च को सामने आया था ।

मुख्य सचिव ने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि आप लोग भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें तथा अनावश्यक बाहर ना निकले और सामाजिक दूरी बनाकर रखें और सरकार की तरफ से जारी की गई गाइडलाइन का पालन करें । प्रदेशवासियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 104 और 18001801200 भी जारी किया गया है । 

कोरोना वायरस के बारे में और जाने – विकिपीडिया लिंक 

आगे पढ़े उत्तराखंड का विश्वप्रसिद्ध चमत्कारिक धाम | फेसबुक और एप्पल के मालिक के गुरू का आश्रम

Last Updated: ५.0४.२०२० at 0८:४५ PM

Related posts

Leave a Comment