गंगोलीहाट : हाट कालिका मंदिर आम जनमानस के साथ सेना के जवानो का भी है आस्था का केंद्र

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गंगोलीहाट (Gangolihat) उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है गंगोलीहाट (Gangolihat) । गंगोलीहाट नगर की ऊंचाई समुद्र तल से 1760 मीटर है । गंगोलीहाट को एक छोटे हिल स्टेशन के रूप में भी जाना जाता है । गंगोलीहाट जनमानस के अलावा सेना के जवानों का भी आस्था का केंद्र है । यहां पर हाट कालिका मंदिर है,जहां पर जन मानस के अलावा सेना के जवान भी दर्शन करने के लिए आते रहते हैं । कहा जाता है कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जब भारतीय सेना का जहाज डूबने लगा था…

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रानीखेत नहीं देखा तो क्या देखा ? वादियों का मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य

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रानीखेत (Ranikhet) उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के अंतर्गत आता है । रानीखेत प्रकृति की गोद में बसा हुआ एक छोटा हिल स्टेशन है । रानीखेत की नैसर्गिक शांति काफी आकर्षक है । रानीखेत को पहाड़ों की रानी के नाम से भी लोग जानते हैं । रानीखेत के चारो ओर दूर दूर तक घाटियों फैली हुई है,हर जगह प्रकृति का मनमोहक सौंदर्य देखने को मिलता है । रानीखेत अल्मोड़ा से 50 किलोमीटर और नैनीताल से 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । रानीखेत समुद्र से 1800 मीटर की ऊंचाई पर…

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ऐपन : उत्तराखंड की कला संस्कृति 

ऐपन Aipan

ऐपन (Aipan) का शाब्दिक अर्थ  लिपना या सजावट से है जो किसी मांगलिक या धार्मिक अवसर पर की जाती है | हमारे उत्तराखंड में एपण का अत्यधिक महत्व है उत्तराखंड की ये संस्कृति सभी शुभ कार्यों से पूर्व देहली में, देवताओं के स्थानों पर, मंदिरों और त्योहारों में पवित्र स्थानों पर बनाई जाती हे। इन ऐपणो को बनाने के लिए सबसे पहले ऐपन वाले स्थान पर गेरू (लाल मिट्टी) से लिपाई की जाती है फिर सूख जाने पर चावल को भिगाकर एवं पीसकर उसमें पानी डालकर उसे पतला कर लिया…

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Thalkedar Temple Pithoragarh |प्राकृतिक सौन्दर्य से सजा तीर्थ स्थल – थलकेदार मंदिर

Thalkedar Temple Pithoragarh|प्राकृतिक सौन्दर्य से सजा तीर्थ स्थल उत्तराखंड राज्य के पिथोरागढ़ (Pithoragarh) जन-पद में कई सारे तीर्थ स्थल हे जैसे की महाकाली मंदिर , थलकेदार मंदिर, ध्वज मंदिर , पाताल भुवन्व्श्वर , शिराकोट मंदिर , लटेश्वर मंदिर , ॐ पर्वत , कोठगढ़ी मंदिर , कपलेश्वर महादेव मंदिर , लम्ब्केस्वर महादेव मंदिर आदि यह सभी अलग अलग मंदिर एक कहानी समेटे हुए हें आइये जानते हें ऐसे ही एक कहानी थलकेदार मंदिर (Thalkedar Temple) की | थलकेदार :: नेसर्गिक सोंदर्य एवं सुषमा से सजा सवरा यह स्थान पिथोरागढ़ जन-पद से…

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उत्तराखंड की देवभूमि में रचे बसे काफल की मार्मिक कहानी | Kafal Fruit Story

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Kafal Fruit Story :: उत्तराखंड की देवभूमि में  रचे बसे काफल की मार्मिक कहानी  अगर आप उत्तराखंड से हे तो मेरी तरह काफल आपको भी बहुत पसंद होंगे यह  स्वादिष्ट फल अपने आप में बहुत कहानिया समेटे हुए हे आइये जानते हे एसे ही एक कहानी के बारे में : काफल पर एक कहावत उत्तराखंड में  मशहूर हैं काफल पक्को मी नी चक्खो इसका मतलब यह हे  की काफल पक गये हे पर मेने नही चखे पर क्या आप इस कहावत के बारे में  जानते हे, अगर नही तो हमारी यह…

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History of Uttarakhand | उत्तराखण्ड का इतिहास

History of Uttarakhand | उत्तराखण्ड का इतिहास | Uttarakhand History in Hindi उत्तराखण्ड का इतिहास पौराणिक है। स्कन्द पुराण में हिमालय को पाँच भौगोलिक क्षेत्रों में विभक्त किया गया है:- खण्डाः पञ्च हिमालयस्य कथिताः नैपालकूमाँचंलौ। केदारोऽथ जालन्धरोऽथ रूचिर काश्मीर संज्ञोऽन्तिमः॥ अर्थात् हिमालय क्षेत्र में नेपाल, कुर्मांचल (कुमाऊँ), केदारखण्ड (गढ़वाल), जालन्धर (हिमाचल प्रदेश) और सुरम्य कश्मीर पाँच खण्ड है। पौराणिक ग्रन्थों में कुर्मांचल क्षेत्र मानसखण्ड के नाम से प्रसिद्व था। पौराणिक ग्रन्थों में उत्तरी हिमालय में सिद्ध गन्धर्व, यक्ष, किन्नर जातियों की सृष्टि और इस सृष्टि का राजा कुबेर बताया गया हैं। कुबेर की राजधानी अलकापुरी (बद्रीनाथ से ऊपर) बतायी जाती है। पुराणों के अनुसार राजा कुबेर…

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Nainital Places To Visit in 2 Days| जाने नैनीताल के बारे में 5 दिलचस्प और अज्ञात तथ्य

Nainital place

जाने नैनीताल के बारे में 5 दिलचस्प और अज्ञात तथ्य | Nainital Places to Visit :: हिमालय के बीच बसी हुई झील सिटी नैनीताल के बारे में कौन नहीं जानता हर साल लाखों पर्यटक इस खूबसूरत शहर के दीदार करने के लिए दूर दूर से यहाँ आते हैं आप में से बहुत से नैनीताल के प्रमुख पर्यटक आकर्षण (Nainital places to visit) के बारे में पहले से ही जानते होंगे , लेकिन ऐसे कई तथ्य हैं जो इस शहर के बारे में शायद आप नहीं जानते हैं | इस पोस्ट…

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