प्राचीन ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल का केंद्र अल्मोड़ा (Almora)

Almora_Uttarakhand_India अल्मोड़ा

अल्मोड़ा उत्तराखंड का एक जिला है । यह कुमाऊं मंडल के अंतर्गत आता है । अल्मोड़ा की समुद्र तल से ऊंचाई 1646 मीटर है । अल्मोड़ा एक पहाड़ी नगर है जो दोनों तरफ से पहाड़ों की चोटियों पर बसा है । अल्मोड़ा नगर के नीचे कोसी और सुयाल नदियां बहती हैं । अल्मोड़ा कुमाऊँ हिमालय के लगभग घोड़े की काठी के आकार में हिमालय के दक्षिणी किनारे पर है । यह जिस पहाड़ी चोटी पर स्थित है उसके पूर्वी भाग को तेलीफट और पश्चिमी भाग को सेलिफट के नाम से…

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जाने देवभूमि उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र के प्रसिद्ध पकवान

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देवभूमि उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र के कुछ प्रमुख पकवान जो स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होते हैं…. देवभूमि उत्तराखंड के सुंदर प्राकृतिक नजारे मन को शांति देते हैं । यहां पर एक सुकून सा मिलता है । शहरों की भीड़ भाड़ से दूर उत्तराखंड के विभिन्न हिल स्टेशन पर लोग छुट्टियां बिताने के लिए आते हैं । यहां का प्राकृतिक मनमोहक वातावरण मन को सुकून देता है। उत्तराखंड की वादियों में घूमने का एक अलग ही मजा होता है । उत्तराखंड के छोटे छोटे हिल स्टेशनों और…

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जनिये उत्तराखंड के सबसे खबसूरत गाँवों के बारे में | Beautiful village in Uttarakhand

शोरगुल से दूर शांत वातावरण में कुछ पल बिताने के लिये जाने उत्तराखंड के कुछ खूबसूरत गाँवों के बारे में  देवभूमि उत्तराखंड की वादियों के नजारे अपने आप में बेहद खूबसूरत होते हैं । उत्तराखंड में कई सारे हिल स्टेशन और देवस्थल हैं । साथ ही यहां के प्राकृतिक नजारे मन को सुकून देने वाले होते हैं । देवभूमि उत्तराखंड में एक से बढ़कर एक कई सारी खूबसूरत घूमने लायक जगह है । यहां पर बर्फ से ढके पहाड़, देवदार के घने जंगल, नदियां, झील तथा विभिन्न प्रकार के सुंदर…

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चोपता (Chopta) : भारत का स्विट्जरलैंड

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हिमालय की तलहटी में बसे “भारत के स्विट्जरलैंड” के नाम से प्रसिद्ध “चोपता” (Chopta) में आकर्षक प्रकृतिक नज़ारे के बीच ले ट्रैकिंग का मजा Source: Google Search चोपता (Chopta) – उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के अंतर्गत रुद्रप्रयाग में स्थित जिले में स्थित एक बेहद आकर्षक छोटा हिल स्टेशन है चोपता । रुद्रप्रयाग उच्च हिमालई क्षेत्र के अंतर्गत आता है । इसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 9514 फीट के आसपास है । प्रकृति की गोद में बसा चोपता न ही ग्रामीण पृष्ठभूमि का इलाका है और न ही शहरी ।…

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देवभूमि उत्तराखंड की प्रतिभाएं जिन्होंने अपने अभिनय से बॉलीवुड में विशेष मुकाम हासिल किया

देवभूमि उत्तराखंड की कई प्रतिभाओं ने बॉलीवुड में अपने एक्टिंग के दम पर नाम कमाया है और देव भूमि उत्तराखंड का नाम रोशन किया है । आज हम जानेंगे कुछ ऐसे कलाकारों के बारे में जिन्होंने बॉलीवुड में अपनी काबिलियत के दम पर पहचान बनाई है, शुरुआत करते है सायरा बानो से – सायरा बानो Source: Google Search सायरा बानो का जन्म 23 अगस्त 1944 को मसूरी उत्तराखंड में हुआ था । इस समय सायरा बानो की उम्र 75 वर्ष है । सायरा बानो को ग्लैमरस गुड़िया भी कहा जाता…

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कश्मीर जैसे वादीयों का लुफ़्त लेना हो तो आए पिथौरागढ़

Hiljatra Pithoragarh

हिमालय के पहाड़ों का प्राकृतिक मनोरम दृश्य और छोटा कश्मीर देखने चले पिथौरागढ पिथौरागढ़ देवभूमि उत्तराखंड (Pithoragarh in Uttarakhand) के पूर्व में स्थित एक सीमांतर जिला है,जिसके उत्तर में तिब्बत, पूर्व में नेपाल और दक्षिण में अल्मोड़ा जिला तथा उत्तर- पश्चिम में चमोली जिला लगता है । पिथौरागढ़ को उत्तराखंड के प्रसिद्ध हिल स्टेशन के तौर पर जाना जाता है । यह दिल्ली से 350 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है तथा समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 1650 मीटर है । पिथौरागढ़ को सोरघाटी के नाम से भी जाना जाता…

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गंगोलीहाट : हाट कालिका मंदिर आम जनमानस के साथ सेना के जवानो का भी है आस्था का केंद्र

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गंगोलीहाट (Gangolihat) उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है गंगोलीहाट (Gangolihat) । गंगोलीहाट नगर की ऊंचाई समुद्र तल से 1760 मीटर है । गंगोलीहाट को एक छोटे हिल स्टेशन के रूप में भी जाना जाता है । गंगोलीहाट जनमानस के अलावा सेना के जवानों का भी आस्था का केंद्र है । यहां पर हाट कालिका मंदिर है,जहां पर जन मानस के अलावा सेना के जवान भी दर्शन करने के लिए आते रहते हैं । कहा जाता है कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जब भारतीय सेना का जहाज डूबने लगा था…

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रानीखेत नहीं देखा तो क्या देखा ? वादियों का मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य

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रानीखेत (Ranikhet) उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के अंतर्गत आता है । रानीखेत प्रकृति की गोद में बसा हुआ एक छोटा हिल स्टेशन है । रानीखेत की नैसर्गिक शांति काफी आकर्षक है । रानीखेत को पहाड़ों की रानी के नाम से भी लोग जानते हैं । रानीखेत के चारो ओर दूर दूर तक घाटियों फैली हुई है,हर जगह प्रकृति का मनमोहक सौंदर्य देखने को मिलता है । रानीखेत अल्मोड़ा से 50 किलोमीटर और नैनीताल से 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । रानीखेत समुद्र से 1800 मीटर की ऊंचाई पर…

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ऐपन : उत्तराखंड की कला संस्कृति 

ऐपन Aipan

ऐपन (Aipan) का शाब्दिक अर्थ लिपना या सजावट से है जो किसी मांगलिक या धार्मिक अवसर पर की जाती है | हमारे उत्तराखंड में एपण का अत्यधिक महत्व है उत्तराखंड की ये संस्कृति सभी शुभ कार्यों से पूर्व देहली में, देवताओं के स्थानों पर, मंदिरों और त्योहारों में पवित्र स्थानों पर बनाई जाती हे। इन ऐपणो को बनाने के लिए सबसे पहले ऐपन वाले स्थान पर गेरू (लाल मिट्टी) से लिपाई की जाती है फिर सूख जाने पर चावल को भिगाकर एवं पीसकर उसमें पानी डालकर उसे पतला कर लिया…

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Thalkedar Temple Pithoragarh |प्राकृतिक सौन्दर्य से सजा तीर्थ स्थल – थलकेदार मंदिर

Thalkedar Temple Pithoragarh|प्राकृतिक सौन्दर्य से सजा तीर्थ स्थल उत्तराखंड राज्य के पिथोरागढ़ (Pithoragarh) जन-पद में कई सारे तीर्थ स्थल हे जैसे की महाकाली मंदिर , थलकेदार मंदिर, ध्वज मंदिर , पाताल भुवन्व्श्वर , शिराकोट मंदिर , लटेश्वर मंदिर , ॐ पर्वत , कोठगढ़ी मंदिर , कपलेश्वर महादेव मंदिर , लम्ब्केस्वर महादेव मंदिर आदि यह सभी अलग अलग मंदिर एक कहानी समेटे हुए हें आइये जानते हें ऐसे ही एक कहानी थलकेदार मंदिर (Thalkedar Temple) की | थलकेदार :: नेसर्गिक सोंदर्य एवं सुषमा से सजा सवरा यह स्थान पिथोरागढ़ जन-पद से…

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उत्तराखंड की देवभूमि में रचे बसे काफल की मार्मिक कहानी | Kafal Fruit Story

kafal fruits

Kafal Fruit Story :: उत्तराखंड की देवभूमि में  रचे बसे काफल की मार्मिक कहानी  अगर आप उत्तराखंड से हे तो मेरी तरह काफल आपको भी बहुत पसंद होंगे यह  स्वादिष्ट फल अपने आप में बहुत कहानिया समेटे हुए हे आइये जानते हे एसे ही एक कहानी के बारे में : काफल पर एक कहावत उत्तराखंड में  मशहूर हैं काफल पक्को मी नी चक्खो इसका मतलब यह हे  की काफल पक गये हे पर मेने नही चखे पर क्या आप इस कहावत के बारे में  जानते हे, अगर नही तो हमारी यह…

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History of Uttarakhand | उत्तराखण्ड का इतिहास

History of Uttarakhand | उत्तराखण्ड का इतिहास | Uttarakhand History in Hindi उत्तराखण्ड का इतिहास पौराणिक है। स्कन्द पुराण में हिमालय को पाँच भौगोलिक क्षेत्रों में विभक्त किया गया है:- खण्डाः पञ्च हिमालयस्य कथिताः नैपालकूमाँचंलौ। केदारोऽथ जालन्धरोऽथ रूचिर काश्मीर संज्ञोऽन्तिमः॥ अर्थात् हिमालय क्षेत्र में नेपाल, कुर्मांचल (कुमाऊँ), केदारखण्ड (गढ़वाल), जालन्धर (हिमाचल प्रदेश) और सुरम्य कश्मीर पाँच खण्ड है। पौराणिक ग्रन्थों में कुर्मांचल क्षेत्र मानसखण्ड के नाम से प्रसिद्व था। पौराणिक ग्रन्थों में उत्तरी हिमालय में सिद्ध गन्धर्व, यक्ष, किन्नर जातियों की सृष्टि और इस सृष्टि का राजा कुबेर बताया गया हैं। कुबेर की राजधानी अलकापुरी (बद्रीनाथ से ऊपर) बतायी जाती है। पुराणों के अनुसार राजा कुबेर…

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Places to visit in Nainital in 2 Days| जाने नैनीताल के बारे में 5 दिलचस्प और अज्ञात तथ्य

Nainital place

जाने नैनीताल के बारे में 5 दिलचस्प और अज्ञात तथ्य | Places to Visit in Nainital हिमालय के बीच बसी हुई झील सिटी नैनीताल के बारे में कौन नहीं जानता हर साल लाखों पर्यटक इस खूबसूरत शहर के दीदार करने के लिए दूर दूर से यहाँ आते हैं आप में से बहुत से नैनीताल के प्रमुख पर्यटक आकर्षण (Nainital places to visit) के बारे में पहले से ही जानते होंगे , लेकिन ऐसे कई तथ्य हैं जो इस शहर के बारे में शायद आप नहीं जानते हैं | इस पोस्ट…

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