उत्तराखंड के कुछ डरावनी जगहों के बारे में जहां पर अजीबो-गरीबो घटनाएं होती रहती है

haunted places in Uttarakhand in hindi

| जानते हैं उत्तराखंड के कुछ डरावनी जगहों के बारे में जहां पर अजीबो-गरीबो घटनाएं होती रहती है (haunted places in Uttarakhand in hindi) | हम सभी जानते हैं डरावनी जगह हर जगह होती है लेकिन कुछ लोग उसे देखकर बहुत डर जाते हैं लेकिन कुछ लोगों को डर का एहसास भी नहीं होता है वो भूत, आत्माएं, रूहो जैसी किसी भी चीज को नहीं मानते हैं। हमारे उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से जाना जाता है जिसे देवताओं का भूमि भी कहा जाता है हमारे उत्तराखंड में बहुत सारी…

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Beautiful Place in Uttarakhand | 5 ऐसी मनमोहक जगह जहां पर लोग घूमने जाते हैं

Beautiful Place in Uttarakhand | जाने उत्तराखंड के 5 ऐसी मनमोहक जगह जहां पर लोग घूमने जाते हैं वेसे तो देवभूमि उत्तराखंड अपने आप में एक ख़ूबसूरत जगह हें, उन्ही ख़ूबसरत स्थानो में से आज हम बात करेंगे 5 ऐसी मनमोहक जगहों की जहां पर लोग ज़्यादातर घूमने जाते हैं  हरिद्वार और ऋषिकेश जैसा की हम सभी जानते है “हरिद्वार”  भारत के सात सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है,  यह  प्राचीन नगरी है और उत्तरी भारत में स्थित है आपको यह जानकारी दे दे की हरिद्वार हमारे…

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Blockbusters Movie Shot In Uttarakhand | फिल्म निर्माताओं की पहली पंसद

Movie Shot In Uttarakhand

Movie Shot In Uttarakhand | प्रारंभ से ही देवभूमि रही हिंदी सिनेमा के कलाकारों और फिल्म निर्माताओं की पहली पंसद ”ये हसीन वादियां और खुला आसमां…..आ गए हम कहां “ कहते है कि फिल्मों में शूटिंग यदि पहाड़ों और वादियों की हो तो वह दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। ऐसे में देवभूमि यानि उत्तराखंड राज्य की हसीन वादियां सिर्फ पर्य़टकों को ही नहीं अपितु फिल्म कलाकारों और निर्माताओं को भी अधिक लुभाती है, यही कारण हैं कि 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा के दौरान उत्तराखंड को मोस्ट…

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Khirsu Village | खिरसू गाँव एक दर्शनीय हिल स्टेशन

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उत्तराखंड में  बसा खिरसू गाँव (Khirsu Village) उन लोगों के लिए सही है, जिन्हें लंबी पैदल यात्रा, या छुट्टी पर जाना पसंद है| खिरसू भारत के उत्तराखंड (Uttarakhand ) राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले का एक हिल स्टेशन है। खिरसू 1700 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। खिरसू अपनी दर्शनीय पृष्ठभूमि के लिए प्रसिद्ध है, इस हिल स्टेशन से हिमालय का शानदार 300 किमी चौड़ा मनोरम दृश्य देखा जा सकता है, जिसमें बर्फ से ढके त्रिशूल, नंदादेवी, नंदकोट और पंचचुली चोटियाँ शामिल हैं। खिरसू उन पर्यटन स्थलों में से एक…

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Kedarnath Dham | हिमालय पर्वत की गोद में बसा केदारनाथ धाम

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केदारनाथ मन्दिर (Kedarnath Temple) भारत के उत्तराखण्ड राज्य के रूद्रप्रयाग जिले में स्थित है। उत्तराखण्ड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित होने के साथ चार धाम और पंच केदार में से भी एक है। यहाँ की प्रतिकूल जलवायु के कारण यह मन्दिर अप्रैल से नवंबर माह के मध्‍य ही दर्शन के लिए खुलता है। पत्‍थरों से बने कत्यूरी शैली से बने इस मन्दिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण पाण्डव वंश के जनमेजय ने कराया था। यहाँ स्थित स्वयम्भू शिवलिंग अति…

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Chopta – Mini Switzerland | चोपता – एक खूबसूरत हिल स्टेशन

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हिमालय की तलहटी में बसे “भारत के स्विट्जरलैंड” के नाम से प्रसिद्ध “चोपता” (Chopta) में आकर्षक प्रकृतिक नज़ारे के बीच ले ट्रैकिंग का मजा जब भी आप या कोई भी किसी छुट्टी की योजना बनाता है तो सबसे पहले उन्हें हिल स्टेशनों की ही याद आती है, ऐसे में हिल स्टेशनों पर पर्यटकों की भीड़ हो जाती है। और कभी-कभी यह आपके शांति और दुनिया से दूर प्रकृति के बीच मनाये जाने वाली छुट्टी में खलल भी डालता है। आपको नहीं लगता ऐसा? कोई बात नहीं अगर आपको कोई अलग…

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कुमाऊं की पांच खूबसूरत जगह | Famous Places In Kumaun

कुमाऊं की पांच खूबसूरत जगह | Famous Places In Kumaun आइए दोस्तों आज हम आपको कुछ ऐसी खूबसूरत जगहों के बारे में बताने जा रहे है, जहां आपको एक बार जरूर जाना चाहिए। देवभूमि उत्तराखंड मुख्यत दो भागों में विभक्त है। वैसे तो दोनों भाग उत्तराखंड के बेहद ही खूबसूरत हैं लेकिन आज हम आपको कुमाऊं मंडल की कुछ ऐसी ही खूबसूरत जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने आप में बेमिसाल हैं। गर्मियों के मौसम में कुमाऊं में देश-विदेश के लोग यहां घूमने आते हैं। लोगो…

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कल्पनाओं को साकार करने वाला वृक्ष : कल्पवृक्ष | KalpVriksha

दोस्तों कहा जाता है कि देवभूमि के कण कण में 33 करोड़ देवी देवता विराजमान हैं। फिर चाहे वो पत्थर, नदियां, भूमि, हवा, आकाश, पशु, पक्षी या फिर पेड़ ही क्यों ना हो। इस भूमि की अपनी मान्यताएं और अपनी आस्था है जो कि पूरे विश्व में अपनी इसी आस्था कि वजह से अपना अलग स्थान बनाए हुए हैं। दोस्तो आज हम आपको देवभूमि के ऐसे ही एक वृक्ष के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में कहा जाता है कि ये वृक्ष ना केवल मन्नतें ही पूरी…

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कहाँ हैं उत्तराखण्ड का पाँचवा धाम | डोल आश्रम | Dol Ashram

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श्री कल्याणिका हिमालया देवस्थानम न्यास कनरा डोल आश्रम उत्तराखण्ड का पांचवा धाम जीं हां दोस्तों आपने सही सुना। उत्तराखण्ड के चारधामों से तो आप परिचित होंगे ही लेकिन क्या आपको पता हैं कि उत्तराखण्ड में एक स्थान ऐसा भी हैं जो निकट भविष्य में पांचवा धाम बनने जा रहा हैं। जी हाॅं दोस्तों उत्तराखण्ड के इस अलौकिक स्थान के बारे में जानने के लिए आप इस विडियो को भी देख सकते हें ताकि आप भी जान सकें कि उत्तराखण्ड का पांचवा धाम कौन सा हैं और इसकी क्या मान्यता हैं।…

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क्या हें गोलू देवता की कहानी | Story of Golu Devta

गोलू देवता

कहा जाता हैं कि गोलू देवता, कत्यूरी राजवंश के राजा झालुराई की इकलौती संतान थे। राजा झालुराई एक न्यायप्रिय, दयालु और तेजस्वी राजा थे। राजा झालुराई की सात पत्नियाॅं थी लेकिन राजा को पुत्र रत्न की प्राप्ति किसी से भी नहीं थी। इस विचार से कि उनका वंश आगे को कौन बढाएगा राजा काफी चिंतित रहता था। इस बात से चिंतित होकर राजा ने भगवान भैरव की घोर तपस्या करी जिससे भगवान ने उनको पुत्र रत्न प्राप्ति का वरदान दिया और कहा कि तुम्हारी आठवीं पत्नि के गर्भ से मैं…

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देवभूमि का ऐसा मंदिर जहां घंटी बजाना मना है

binsar temple

दोस्तों आज हम आपको लव देवभूमि उत्तराखंड के इस पोस्ट में अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र में स्थित  बिनसर महादेव मंदिर (सोनी बिनसर) के बारे में जानकारी देने वाले है | दोस्तों ये मंदिर बेहद ही खूबसूरत और प्राकृतिक सौंदर्य की एक मिसाल हैं। इस मंदिर की बनावट मन को मोहने वाली हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में – बिनसर महादेव मंदिर बिनसर महादेव मंदिर अपने पुरातात्विक महत्व और खूबसूरती के लिए लोकप्रिय है। बिनसर महादेव मंदिर एक लोकप्रिय हिंदू मंदिर है । यह मंदिर उत्तराखंड के जिला अल्मोड़ा…

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जागर का महत्व: उत्तराखंड में इनके बुलाने पर देवताओं को आना पड़ता है

जागर का महत्व

देवभूमि में जागर का महत्व उत्तराखंड ‌को ऐसे ही देवभूमि नहीं कहा जाता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार समस्त 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास यहीं है। इन सभी देवी-देवताओं का हमारी संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान है। कहा जाता है कि ये देवी-देवता हर कष्ट का निवारण करने के लिये किसी पवित्र शरीर के माध्यम से लोगों के बीच आते हैं और उनका कष्ट हर लेते हैं।  जागर उत्तराखण्ड के गढ़वाल और कुमाऊँ मंडलों में प्रचलित पूजा पद्धतियों में से एक है। पूजा का यह रूप नेपाल के पहाड़ी भागों में…

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जाने क्या है हिन्दू नववर्ष का इतिहास

हिन्दू नववर्ष

देवभूमि उत्तराखंड में हर त्यौहार, सामाजिक कार्य और कोई भी धार्मिक कार्य बड़े उत्साह और मनोरंजन के साथ मनाया जाता है। दोस्तो अंग्रेजी नए साल के बारे में तो आप सब जानते ही होंगे, लेकिन क्या आपको अपने हिन्दू नववर्ष के बारे में पता है, यदि नहीं तो आपको ये लेख अवश्य पड़ना चाहिए। हिन्दू नववर्ष का प्रारंभ शास्त्रों में लिखा है कि जिस दिन सृष्टि का चक्र प्रथम बार विधाता ने प्रवर्तित किया, उस दिन चैत्र शुदी १ रविवार था। हिन्दू नववर्ष अंग्रेजी माह के मार्च – अप्रैल में…

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” भिटौली ” उत्तराखंड की एक विशिष्ट परंपरा

भिटौली

वास्तव में उत्तराखंड एक बेमिसाल राज्य है। यहां मनाए जाने वाले हर त्यौहार के पीछे इसकी कोई ना कोई लोक कथा जरूर होती है या उस त्यौहार का सीधा संबंध प्रकृति से होता है। यहां पर कई अनोखी और विशिष्ट परंपराएं हैं। अनेक अनूठी परंपराओं के लिए पहचाने जाने वाले उत्तराखण्ड राज्य में मायके -ससुराल के प्रेम की एक अनूठी ‘भिटौली’ देने की प्राचीन परंपरा है। पहाड़ में सभी विवाहिता बहनों को जहां हर वर्ष चैत्र मास का इंतजार रहता है, वहीं भाई भी इस माह को याद रखते हैं…

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लंबकेश्वर महादेव जहाँ लंकेश कर बैठा अपनी सबसे बढ़ी भूल

Lambkeswar

जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि इस महादेव के स्थान का लंका के राजा लंकेश यानी रावण से कुछ ना कुछ संबंध जरूर होगा। जी हां आप लोग सही सोच रहे हैं। दोस्तो मैंने जब इस जगह या स्थान के बारे में सुना तो मुझे भी बड़ा आश्चर्य हुआ कि महादेव का ऐसा स्थान कहा हैं और इसकी क्या मान्यता हैं और जब मैने इसके बारे में जानकारी जुटाई तो सच में दोस्तों मैं स्तब्ध रह गया और मैंने उसी समय सोच लिया था कि मैं…

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जानिए क्यों मनाया जाता है उत्तराखंड का फूलदेई पर्व

PhoolDai

फूलदेई पर्व उत्तराखंड की धरती पर ऋतुओं के अनुसार कई अनेक पर्व मनाए जाते हैं । यह पर्व हमारी संस्कृति को उजागर करते हैं। वहीं पहाड़ की परंपराओं को भी कायम रखे हुए हैं । इन्हीं खास पर्वो में शामिल “फूलदेई पर्व” उत्तराखंड में एक लोकपर्व है | उत्तराखंड में इस त्योहार की काफी मान्यता है | इस त्योहार को फूल सक्रांति भी कहते हैं। जिसका सीधा संबंध प्रकृति से है । इस समय चारों ओर छाई हरियाली और नए-नए प्रकार के खिले फूल प्रकृति की खूबसूरती में चार-चांद लगा…

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उत्तराखंड का विश्वप्रसिद्ध चमत्कारिक धाम | फेसबुक और एप्पल के मालिक के गुरू का आश्रम

kainchi dham

दोस्तों आज हम आपको एक ऐसे धाम, आश्रम या फिर मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में शायद आप लोगो ने सुना होगा और बहुत से लोगों ने इस धाम के दर्शन भी किए होंगे। इस धाम को किसी परिचय की जरूरत नहीं है। इस धाम के चमत्कार से भारत ही नहीं बल्कि पूरा विश्व परिचित हैं। उत्तराखंड को देवो की भूमि देवभूमि कहा जाता है और यहां के धार्मिक महत्व के बारे में पूरा विश्व जानता हैं। तो चलिए ऐसे ही एक विश्व प्रसिद्ध धाम…

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जानिए कहाँ मनायी जाती है उत्तराखंड की विश्वविख्यात होली

उत्तराखंड की होली

होली का त्यौहार हिन्दू धर्म से संबंधित है। हिंदुस्तान में इस त्यौहार को केवल हिंदू लोग ही मनाते हैं, लेकिन उत्तराखंड में इस त्यौहार को सभी धर्मों के लोग बड़े उत्साह से मनाते हैं। उत्तराखंड में होली का त्यौहार सबसे ज्यादा लोकप्रिय त्यौहार माना जाता है। उत्तराखंड की सबसे ज्यादा प्रसिद्ध होली अल्मोड़ा जिले की मानी जाती है। उत्तराखंड की होली देखने और मनाने के लिए काफी संख्या में विदेशी पर्यटक भी यहां आते हैं और होली के रंग में रंग जाते हैं। चलिए दोस्तो आज हम आपको उत्तराखंड की…

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उत्तराखंड में पायी जाने वाली जड़ी बूटियाँ जिनकी कीमत प्रति किलो 8-10 लाख रुपए है

जाने देवभूमि उत्तराखंड के 5 औषधीय जड़ी बुटियों के बारे में देवभूमि उत्तराखंड में बेहद खूबसूरत प्रकृति के नजारे देखने को मिलते हैं यहाँ कई सारे छोटे और बड़े बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है । लेकिन यहाँ प्राकृतिक के नजारों के साथ कई तरह के जड़ी बूटियाँ भी पाई जाती हैं जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है । इस वजह से कुछ जड़ी बूटियों की कीमत तो 8 से 10 लाख रुपये प्रति किलो तक भी होती है । आज हम जानेंगे कुछ ऐसे ही जड़ी बूटियों के…

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उत्तराखंड का एकमात्र ऐसा मंदिर जहां सूर्य निकलते ही सूर्य की पहली किरण इस मंदिर में पड़ती है।

कटारमल सूर्य मंदिर

आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जो की पूरे भारत में केवल दो ही जगह स्थित है। जिसमें से एक हैं उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में। यह मंदिर उत्तराखंड में स्थित अल्मोड़ा जिले के अधेली सुनार गांव में भगवान सूर्य देव को समर्पित विश्व विख्यात  कटारमल मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यह अल्मोड़ा से 17 किलोमीटर की दूरी पर 3 किलोमीटर पैदल कच्चे रास्ते पर चलने के बाद पश्चिम की ओर स्थित है। यह मंदिर एक सुंदर पहाड़ी पर्वत पर समुद्र तल…

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