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डबल म्यूटेशन है दूसरी लहर में तेजी का कारण, फिलहाल उत्तराखंड में लॉकडाउन नही

देवभूमि उत्तराखंड में कोरोना वायरस के दूसरी लहर देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि डबल म्यूटेशन से कोरोना वायरस के दूसरी लहर में लोग तेजी से संक्रमित हो रहे है। हर दिन हजारों की संख्या में नए मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन फिलहाल राज्य सरकार लॉकडाउन लगाने के पक्ष में नजर नहीं आ रही है। हालांकि संक्रमण की रोकथाम के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं जिसका सख्ती से पालन कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की अनौपचारिक बैठक हुई जिसमें यह फैसला लिया गया है कि फिलहाल लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा और भीड़भाड़ रोकने के लिए सभी सर्वाधिक कार्यक्रमों पर रोक रहेगी। शादी विवाह में शामिल होने के लिए अधिकतम 50 व्यक्तियों को ही शामिल होने की अनुमति होगी। वहीं चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि हालात पर नियंत्रण के लिए कम से कम 10 दिन के लिए कोरोना कर्फ्यू लगाया जाना चाहिए। लेकिन सरकार के प्रवक्ता व केंद्रीय मंत्री सुबोध उनियाल के अनुसार फिलहाल राज्य सरकार लॉक डाउन नहीं लगाएगी। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए संशोधन गाइडलाइन जारी होने वाली है। जिसका सख्ती से पालन करवाया जाएगा और भीड़भाड़ न होने पाए इस बात की निगरानी की जाएगी। सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन पर फिलहाल परिस्थिति सामान्य होने तक रोक रहेगी।

 मालूम हो कि अभी राज्य में कोरोना वायरस 24893 एक्टिव मामले है। 1953 लोगो को मृत्यु हुई है और 1767551 लोगो को वैक्सीनेशन किया गया है। 

बता दें भारत के करीब 12 राज्य में कोरोनावायरस के नए म्युटेड वैरीअंट देखने को मिल रहे हैं। इसमें उत्तराखंड में शामिल है। यह वैरीअंट पहले से भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। प्रदेश में अभी इसकी जांच की व्यवस्था भी नहीं है। ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों के अनुसार इस डबल म्यूटेशन का उपचार और बचाव कोरोना वायरस की ही तरह किए जाने की जरूरत है। साथ ही इस वायरस को लेकर ज्यादा सावधानियां बरतना चाहिए।

 भारत में भारत सरकार ने की तरफ से आईसीएमआर डबल म्यूटेशन के लिए रेंडम सेंपलिंग करा रहा है और बताया गया है कि फिलहाल कोरोना वायरस और डबल म्यूटेशन में कोरोना वायरस ट्रीटमेंट प्लान से किसी भी तरह का कोई ज्यादा फर्क नहीं है। दोनों में ही उपचार और बचाव सामान है। बशर्ते कि लोगों को और अधिक जागरूक और सावधान रहने की जरूरत है।

 मालूम हो कि यह वायरस हर बार अपना स्वरूप बदल रहा है। इसका अगला स्वरूप क्या हो सकता है, इसके बारे में किसी को नहीं पता। ऐसे में संक्रमित मरीजों की देखभाल और उपचार पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। इस डबल म्यूटेड वैरीअंट को B.1.617 नाम दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस डबल म्यूट करोना वायरस में दो अलग-अलग स्पाइक प्रोटीन वायरस मानव कोशिकाओं से जुड़ने में मदद करती है और फिर शरीर के विभिन्न अंगों पर हमला करते हैं।

 भारत में जिस तेजी से कोरोना वायरस की दूसरी लहर चल रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे कोरोना वायरस के डबल म्यूटेशन संक्रमण को ही इसकी वजह मान रहे हैं।

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