पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धा ही है श्राद्ध | Pitru Paksha

Pitru Paksha Hindi

श्राद्ध का मूल आधार है श्रद्धा | Pitru Paksha ॐ श्री गणेशाय नमः ।। ॐ नमः पूर्वज्येभ्य:।। ॐ श्री ईष्ट देवाय नमः।। प्रत्येक वर्ष पूर्वजों को तर्पण और उनके प्रति श्रद्धा भाव व्यक्त करने लिए के हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर आश्विन माह की सर्वपितृ अमावस्या तक का समय पितृपक्ष (Pitru Paksha) कहलाता है। जीवन मृत्यु ईश्वर के अधीन है। मृत्यु शाश्वत है। मानव शरीर पांच तत्व पृथ्वी, अग्नि, जल, वायु तथा आकाश से मिलकर बना है। जन्म लेने से मृत्यु उपरांत तक भारतीय धर्म में सोलह…

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जाने क्या हैं ज्योतिष के 6 मुख्य तत्व

जाने क्या हैं ज्योतिष के मुख्य तत्व

ॐ श्री गणेशाय नमः ।। ॐ नमः पूर्वज्येभ्य:।। ॐ श्री ईष्ट देवाय नमः।। वेदों का महत्वपूर्ण अंग ज्योतिष शास्त्र है और संपूर्ण ज्योतिष का आधार जन्मपत्री रचना है। सही जन्मपत्री बनाने के लिए ज्योतिष के मुख्य तत्वों का ज्ञान आवश्यक है। प्रारंभ में ज्योतिष के अन्तर्गत मुख्यत: तीन तत्व माने गए थे। इन्हें स्कंधत्र्य या त्र्यस्कंध कहा जाता था। कुछ समय बाद इसमें दो तत्व सामुद्रिक शास्त्र और शकुन शास्त्र जोड़कर ज्योतिषीय रूप से इन्हें पंचस्कंध माना गया। कुछ समय बाद प्रश्न शास्त्र जोड़ा गया। प्रारम्भ में सामुद्रिक शास्त्र, शकुन…

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जानें आखिर, जन्मकुंडली क्या है? इसका क्या लाभ है और कैसे बनाई जाती है !

ॐ श्री गणेशाय नमः ।। ॐ नमः पूर्वज्येभ्य:।। ॐ श्री ईष्ट देवाय नमः।। ज्योतिष शास्त्र में जन्मपत्री निर्माण बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है। जन्मपत्रिका को जन्मकुंडली भी कहते हैं। इस पर कुछ प्रश्न उठते हैं- जैसे आखिर, जन्मकुंडली है क्या? इसका क्या लाभ है?  क्यों कुछ लोग इसमे विश्वास नहीं रखते?  कुछ तो इसे अंधविश्वास मानते हैं, पर अपने ऊपर कोई समस्या आने पर वे भी ज्योतिषियों के पास जाते है। चलिए  जानते हें  जन्मकुंडली के बारे में जन्मकुंडली (Janmkundali) ज्योतिष का क्षेत्र काफी बड़ा है। जन्मकुंडली या जन्मपत्रिका जातक…

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ज्योतिष : अदभुत जीवन विश्लेषण शास्त्र | ज्योतिष ज्ञान | Jyotish Gyan

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ॐ श्री गणेशाय नमः ।। ॐ नमः पूर्वज्येभ्य:।। ॐ श्री ईष्ट देवाय नमः।। अक्सर हम यह सुनते हैं कि समय से पहले और किस्मत से ज्यादा कुछ नहीं मिलता है। हर चीज का नियत समय होता है । जिस प्रकार सूर्योदय और सूर्यास्त का समय निश्चित है, ऋतु का समय निश्चित है, और जो जन्म लेता है उसकी मृत्यु भी निश्चित है। उसी प्रकार लोगों के कर्म फल भी निश्चित है। यही कारण है कि कुछ लोगों को कठिन परिश्रम के बाद भी उपयुक्त परिणाम देर से मिलते हैं तो…

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