उत्तराखंड में आरोपित पूर्व समाज कल्याण अधिकारी हापुर राजेश सक्सेना की मौत जेल में ही हो गई

 

उत्तराखंड में आरोपित पूर्व समाज कल्याण अधिकारी हापुर राजेश सक्सेना की मौत जेल में ही हो गई

 

उत्तराखंड में कुछ दिन पहले  अनुसूचित जाति जनजाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले करने के मामले में आरोपित पूर्व समाज कल्याण अधिकारी हापुड़ की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हापुर लखनऊ के रहने वाले थे। उन्हें  जुलाई में गिरफ्तार कर जेल दे दिया गया था। फिलहाल वह जेल में थे और अचानक तबीयत खराब होने के कारण की मौत भी हो गई।

 बताया जा रहा है कि इसी साल  10 जनवरी को उपनिबंधक मौनार्ड यूनिवर्सिटी हापुड़ और  कुछ बिचौलियों के खिलाफ रानीखेत कोतवाली मे मुकदमा दर्ज करवा दिया गया था।  उन लोगों पर आरोप लगाया गया था कि जिला समाज कल्याण कार्यालय अल्मोड़ा से जारी एससी एसटी दशमोत्तर छात्रवृत्ति की धनराशि 14,23080 रुपये दुबलीकेट दस्तावेज बनाकर  गबन कर लिया था। एसएसपी प्रह्लादनारायण मीणा ने घोटाले की जांच को एसआइटी टीम गठित की थी। विवेचना एसएसआइ बसंती आर्या को सौंपी गई। साइबर सेल की भी मदद भी ली गई थी।

उसके बाद बताया जा रहा है कि इन लोगों के खिलाफ पुख्ता सूचना मिलने पर रानीखेत पुलिस ने  11 जुलाई को विकासनगर अलीगंज सेक्टर-तीन लखनऊ मे जाकर दबिश दे पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी हापुड़ राजेश कुमार सक्सेना (64) पुत्र स्व. प्रेम नारायण सक्सेना को गिरफ्तार कर लिया था। उनके साथ ही मकान नंबर- 660पी-32-33 फूलबाग कालोनी कुर्सी रोड, लखनऊ से आइओबी बैंक शाखा राजेश  हापुड़ के सहायक प्रबंधक जैन अब्बास पुत्र कमर अब्बास को भी साथ में गिरफ्तार किया था। न्यायालय के आदेश अनुसार राजेश सक्सेना को जेल भेजा गया था और आज उन्होंने जेल में ही दम तोड़ दिया।

उसके बाद बताया जा रहा है कि प्रभारी जेलर जिला कारागार अल्मोड़ा मेघराज सिंह ने कहा  कि पूर्व में कैदी राजेश कुमार सक्सेना को पांच सितंबर को अचानक से तबीयत खराब हो गया जिसके कारण उन्हें अस्पताल भेज दिया गया था। डॉक्टर ने राजेश कुमार सक्सेना को बीपी की शिकायत बताया। आज सुबह राजेश सक्सेना का तबीयत जेल में बहुत ज्यादा खराब हो गया जिसके कारण उन्हें अस्पताल भेजा गया और वहीं पर उनकी मौत भी हो गई।

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