खुशिया हुई दुगनी ,48 नही 60 दिन का होगा कुंभ मेला 2021

kumbh mela 2021

उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि कुंभ से पहले पड़ने वाले चारों स्नानों को कोविड मानकों का पालन कराने के साथ संपन्न कराया जाएगा। इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि कोरोना का संक्रमण न फैले। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही एसओपी जारी की जाएगी। शुक्रवार को मेला नियंत्रण भवन में जन संवाद कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि कुंभ मेला 48 दिन का होगा। उन्हाेंने कहा कि कुंभ 48 नहीं 60 दिन का होगा।

कुंभ मेले के लिए 27 या 28 फरवरी तक अधिसूचना जारी हो जाएगी। स्नान की तिथि से पांच दिन पहले की कोविड निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्नान पर्व और कुंभ के शाही स्नानों को लेकर अलग-अलग ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था लागू की जाएगी। आवश्यक वस्तुएं शहर तक आसानी से पहुंच सकें, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के प्रचार-प्रसार के लिए फेसबुक पेज बनाया गया है। इस पेज पर कुंभ से जुड़ी सामग्री श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाएगी। सोशल मीडिया के साथ ही फेसबुक के पेज पर ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की जानकारी श्रद्धालु घर बैठे पा सकेंगे।

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व्यापारी और सामाजिक संगठनों से मांगा सहयोग
उन्होंने व्यापार मंडलों के प्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं से कुंभ में सहयोग करने की अपील की। गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा ने कहा कि कुंभ के पर्व स्नान पहले की भांति हों। पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते पहले ही व्यापारी बड़ी आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं। व्यापारियों को राहत पहुंचाने के लिए यह संशय खत्म किया जाए कि कुंभ मेला 11 मार्च से शुरू होगा, जबकि यह संदेश दिया जाए कि मकर संक्रांति के स्नान पर्व से ही कुंभ मेला शुरू हो रहा है।
हानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी और प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष नीरज सिंघल और व्यापारी नेता संजय अग्रवाल ने कहा कि मकर संक्रांति समेत सभी स्नान पर्वों को बड़े स्तर पर कराया जाए। शहर में एकल चेक पोस्ट व्यवस्था की जाए। मां मनसा देवी मंदिर के पुजारी पंडित अजीत कुमार ने पैदल और सीढ़ी मार्ग पर पथ प्रकाश की व्यवस्था की जाए।

निरंजनी अखाड़ा पहुंचे डीजीपी
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार और कुंभ मेला आईजी ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और अन्य संतों से मुलाकात की और कुंभ की तैयारियों पर चर्चा की। अधिकारियों और संतों की बैठक के बाद प्रेस को जारी बयान में महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि मेला प्रशासन और वन विभाग 13 अखाड़ों को धर्म ध्वजा की लकड़ी का अवलोकन कराकर जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि धर्म ध्वजा की लकड़ी को सूखने में भी लगभग दो माह का समय लगता है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला प्रारंभ होने में बहुत कम समय शेष रह गया है। मेला प्रशासन को टेंट व कैंप की व्यवस्था जल्द से जल्द उपलब्ध करानी चाहिए। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि मेला अधिकारी दीपक रावत से उनकी फोन पर चर्चा हुई है। जिसमें मेला अधिकारी ने बताया कि टेंट, पार्किंग की व्यवस्था के लिए बैरागी कैंप सहित संपूर्ण मेला क्षेत्र में मिट्टी का समतलीकरण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मांग की है कि जल्द से जल्द टेंडर जारी कर टेंट व कैंप की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

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भव्य ही होगा कुंभ : श्रीमहंत नरेंद्र गिरि
महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित होने वाला माघ मेला दिव्य व भव्य रुप से आयोजित हो रहा है। पूर्व की भांति ही सारी व्यवस्थाएं संतों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। महंत नरेंद्र गिरि ने सभी तेरह अखाड़ों के संत, आचार्य महामंडलेश्वर, महामंडलेश्वर एवं सभी आश्रमों के संत महात्मा से कहा कि कुंभ मेला भव्य रुप से ही संपन्न होगा और पूरा विश्व 2021 का कुंभ देखेगा। सभी तेरह अखाड़ों के संत शासन प्रशासन एवं मुख्यमंत्री कुंभ मेले को दिव्य रूप से कराने का पूरा प्रयास करेंगे।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा व्यवस्थाएं इस प्रकार की होनी चाहिए कि कुंभ मेला विश्व पटल पर अपनी छाप अनोखे रूप से बना सके। मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि कुंभ मेला करोड़ों श्रद्धालु भक्तों की आस्था का केंद्र है। जो बारह वर्षों के लंबे समय अंतराल के बाद आता है।

कुंभ अनुशासन के साथ अच्छा होगा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री व हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ अनुशासन के साथ अच्छा होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे परिस्थिति के अनुरूप सहयोग करें ताकि उनकी सरकार अच्छे से कुंभ का आयोजन कर सके।निशंक ने कहा कि कुंभ लोगों के मिलन का दुनिया का सबसे आकर्षक गंतव्य है। कुंभ ऐसा पर्व सब सीमाओं को तोड़कर पूरी दुनिया को इकट्ठा कर देता है। 2010 के कुंभ में 100 से भी अधिक देशों का आना इस बात का प्रमाण है कि मां गंगा राष्ट्रीय जरूरत नहीं बल्कि विश्व धरोहर है। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि गंगा इस प्रदेश से अवतरित होकर विश्व के कल्याण के लिए आगे बढ़ रही है।

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