उत्तराखंड में फिर से एक बार 2013 में केदारनाथ आपदा में लापता यात्रीगण के नर कंकाल ढूंढने का अभियान चलाया जा रहा है

फिर से एक बार 2013 में केदारनाथ आपदा में लापता यात्रीगण के नर कंकाल ढूंढने का अभियान चलाया जा रहा है

साल 2013 में केदारनाथ आपदा में बहुत सारे यात्रीगण लापता हो गए थे। जिसकी खोजबीन करने के लिए पुलिस ने 10 टीमों का गठन किया है। बताया जा रहा है कि ये सभी टीम मील कर केदारनाथ के सभी आने जाने वाले विभिन्न ट्रक रूट और आसपास की जगह पर और घरों में नर कंकाल खोजने का कार्य करेंगे। यात्रियों का नर कंकाल ढूंढने के लिए चमोली और पौड़ी जिलों से पुलिस और एसडीआरएफ के जवान हो मिलाकर किस टीम का गठन किया गया है।

इसी अभियान को चलाने के लिए दिल्ली के रहने वाले अजय गौतम द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट में रिट पिटीशन संख्या (पीआइएल) के अनुपालन में केदारनाथ आपदा में जितनी यात्री लापता हो गए थे। उन सभी यात्रियों की खोजबीन को लेकर न्यायालय ने सरकार को केदारनाथ और वहां के जितने भी आसपास के क्षेत्र है ।उन सभी क्षेत्रों पर इस अभियान को चला कर नर कंकाल ढूंढने के लिए कहा गया है। न्यायालय के आदेश के अनुसार न्यायालय ने वर्षो पहले नरकंकाल को खोजने का अभियान चलाया था। जिसमें 699 नरकंकाल अब तक मिल चुके हैं। लेकिन अभी भी 3187 नर कंकाल नहीं मिल पाए हैं।

सूत्रों के मुताबिक जानकारी मिली है कि केदारनाथ के आपदा में कुल 3886 यात्री लापता हो गए थे।जो कि पुलिस रिकॉर्ड में अभी भी है इसीलिए इन सभी लापता यात्रियों के नरकंकाल की खोजबीन के लिए जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने 10 टीमें गठित कीया हैं। बताया जा रहा है कि इन सभी टीमों का प्नेतृत्व एक उपनिरीक्षक करेगा, जिसके साथ दो कांस्टेबल, दो कांस्टेबल एसडीआरएफ तथा एक फार्मेसिस्ट रखा गया है। पुलिस अधीक्षक भुल्लर ने कहा है कि नर कंकालों का खोजबीन करने का ये अभियान को सफल और सार्थक बनाने के लिए गूगल मैप का उपयोग करेंगे।। मैप रीडिंग के लिए प्रत्येक टीम के साथ एसडीआरएफ जवान को नियुक्त किया है।

ये सभी टीम केदारनाथ से वासुकीताल, गौरीकुंड से केदारनाथ के रास्ते के पास जितने भी क्षेत्र हैं कालीमठ से चैमासी होते हुऐ रामबाड़ा, रामबाड़ा का ऊपरी क्षेत्र, जंगलचट्टी का ऊपरी क्षेत्र, केदारनाथ बेस कैम्प का ऊपरी क्षेत्र, केदारनाथ मंदिर के आसपास का क्षेत्र, गौरीकुंड से गोऊंमुखड़ा, केदारनाथ से चैराबाड़ी और आसपास का क्षेत्र, त्रियुगीनारायण से गरूड़चट्टी होते हुए केदारनाथ और गौरीकुंड से मुनकटिया का ऊपरी क्षेत्र होते हुए सोनप्रयाग के सभी जगहों में नर कंकाल का खोज करेगी। सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है कि इससे पहले भी आपदा में लापता लोगों के लिए अभियान चलाया गया था। जिसमें की छाता 99 लोगों का नर कंकाल आया गया था।

जब लोगों का नर कंकाल मिल गया तो उसके बाद पुलिस टीम ने उस सारे नरकंकालों का विधिवत डीएनए सैंपल लेने के बाद जो नर कंकाल जिस जाति का था। उसी हिसाब से उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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