हलियाडोब-लछिमा-ऊणी सिरतोली का सड़क मार्ग बंद होने के कारण, राशन और रसोई गैस की सहनी पड़ रही है, दिक्कते

हलियाडोब-लछिमा-ऊणी सिरतोली का सड़क मार्ग बंद होने के कारण, राशन और रसोई गैस की सहनी पड़ रही है, दिक्कते

हलियाडोब-लछिमा-ऊणी सिरतोली का सड़क मार्ग 3 महीने पहले बरसा और वज्रपात के कारण बर्बाद हो गया था। वह अभी तक सही नहीं हुआ है।जो कि 3 महीने से बंद पड़ा है। वहां पर लोगों को आने जाने में बहुत ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहां के लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि वह ना तो अपने जॉब पर सही टाइम पर पहुंच पा रहे हैं। और ना राशन रसोई गैस ला रहे हैं। जिससे उन लोगों को और ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। और प्रशासन भी इसके लिए कुछ नहीं कर रहे हैं।जबकि प्रशासन को इसके बारे में जानकारी कई बार दे दिया गया है। अब ग्रामीण लोग प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने के लिए तैयार हैं।
वहां के लोगों ने बताया कि दस जुलाई को दशौली के मूलनारायण मंदिर के पास बहुत ज्यादा बारिश और मजबूत होने से हलियाडोब-लछिमा-ऊणीसिरतोली 30 मीटर सङक का हिस्सा बर्बाद हो गया है। जिससे कि वहां पर लोगों का आना जाना भी बंद हो गया है। वहां पर 3 पंचायत के लोगों को अपनी रोज के काम धंधों पर जाने के लिए 9 किलोमीटर पैदल पहले जाना पड़ता है।जिससे उन्हें हर एक चीज में बहुत ज्यादा परेशानियां हो रही है।
इस चीज को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण सिंह कार्की ने बताया कि सड़क मार्ग को खोलने के लिए हमने कई बार पीएमजीएसवाइ के अधिकारियों इसके बारे में जानकारी दिया है। लेकिन उन्होंने अभी तक इस सड़क के लिए कोई भी निर्णय नहीं लिया है। दिनेश चंद्र पाठक ने कहा कि सड़क बंद हो जाने से लोगों को बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लोगों को राशन गए। इन सभी चीजों की दिक्कतें उठानी पड़ रही है। गांव के लोगों को अपनी जरूरतों का सामान कंधे पर ढोकर बड़ी मुश्किल से लाना पड़ रहा है। विद्यासागर पाठक ने कहा कि सड़क बंद होने के कारण करीब चार हजार की आबादी का शेष जगत से संपर्क कट गया है। विद्यासागर पाठक ने कहा कि अगर जल्द से जल्द सड़क निर्माण का कार्य नहीं हुआ तो यहां की जनता आंदोलन करने के लिए तैयार हो जाएगी।
सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के हलियाडोब-दशौली सड़क में आपदा के कारण 35 मीटर का हिस्सा वह गया जिसके कारण वहां का सङक चलने लायक नहीं है। इस सड़क को बनवाने के लिए वहां के दैवीय आपदा मद से 18 लाख का इस्टीमेट बनाकर प्रशासन को भेज दिया है।
जब शासन से स्वीकृति मिल जाएगी तब से इस सड़क का काम शुरू हो जाएगा।

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