देहरादून में वन विभाग में नौकरी दिलवाने के नाम पर फौजी से ठगा 7 लाख रूपये

 देहरादून में वन विभाग में नौकरी दिलवाने के नाम पर फौजी से ठगा 7 लाख रूपये

आजकल तो हर जगह  से ठगी का मामला सामने आ रहा है कहीं नौकरी के नाम पर ठगा जा रहा है तो कहीं शादी ब्याह के नाम पर पैसे ठगे जा रहे हैं। सबसे ज्यादा तो आजकल  लोग नौकरी के नाम पर ठगे जाते हैं,क्योंकि आजकल ज्यादातर लोगों को सरकारी नौकरी होना बहुत मुश्किल होता है ऐसे में अगर कोई पैसे लेकर भी नौकरी दिलवा दे तो लोग देने के लिए पैसे तैयार हो जाते हैं, ताकि नौकरी मिल जाए लेकिन वो ये नहीं देखते हैं कि जिसको हम पैसा दे रहे हैं। वो सच में हमें नौकरी दिलवाएगा या नहीं एकाएक किसी पर विश्वास कर लेते हैं।

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 ऐसे ही  ठगी का मामला देहरादून से आ रहा है। जहां पर वन विभाग में भांजे को नौकरी दिलवाने के नाम पर फौजी से  ₹7,00000 जालसाज ने ठग लिया। उसके बाद फौजी ने आरोपी के खिलाफ थाने में जाकर मुकदमा दर्ज करवा उसके बाद फौजी ने कहा कि जब वह अपना पैसा मांगा तो जान से मारने की धमकी दिया। दिया है। पुलिस ने बताया कि विजयपाल सिंह नेगी नयागांव का रहने वाला है, वो भारतीय सेना में काम करता है।

विजय पाल सिंह ने आरोप लगाया है कि 1 साल पहले  पूर्व यादवानन्द सेमवाल नयागांव का रहने वाला गोपीवाला हाथीबड़कला उसके घर पूजा पाठ कराने के लिए आता था एक दिन उसने कहा कि वन विभाग में अभी नौकरी के लिए बहुत सारे जगह  है।उसमें मेरी अच्छी जान पहचान है अगर कोई नौकरी करने वाला लड़का होगा तो आप हमें बताइएगा। 

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उसी पर जसवाल सिंह नेगी ने कहा कि मेरा भांजा  जगमोहन सिह रावत अभी घर पर ही रहता है अगर होगा तो उसको नौकरी लगवा देना। उसके बाद  जसवाल ने उस पर विश्वास करके सितम्बर से दिसम्बर 2019 के बीच रकम देने के लिए तैयार हो गए। जसवाल  सिंह ने अपने एक जान पहचान वाले नवीन कुमार शर्मा से ₹7,00000 लेकर उसको दे दिया। उसके बाद जसवाल सिंह नेगी के भांजे जगमोहन सिंह रावत को कुछ दिन बाद उसने वन विभाग का एक ट्रेनिंग पत्र दिया। जब जसपाल सिंह ने ट्रेनिंग पत्र के बारे में जांच-पड़ताल किया तो वह फर्जी निकला। इसके बाद  जसवाल सिंह ने उससे अपना रकम वापस मांगा तो वह पैसे देने में आनाकानी करने लगा। उसके कुछ दिन बाद उसने साठ हजार रुपये वापस जसवाल सिंह के घर आकर दे गया लेकिन बाकी पैसे नहीं दिया और जब जसवाल सिंह ने बाकी के पैसे मांगे तो उसे मार डालने की धमकी दीया।

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