नए साल में नए रूल ,वाहनों के लिए अब ट्रिप कार्ड बनना हुआ जरूरी

चारधाम यात्रा पर जाने वाले छोटे-बड़े कॉमर्शियल वाहन संचालकों को इस साल से ग्रीन कार्ड के साथ ट्रिप कार्ड भी बनाना होगा। यानि यात्रा पर जाने से पहले वाहन चालक और यात्रियों की डिटेल देनी होगी, यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। यात्रा के दौरान दूसरे प्रदेशों के वाहनों की डग्गामारी रोकने के लिए परिवहन विभाग ने यह कदम उठाया है। ट्रिप कार्ड में यात्रियों का रिकॉर्ड भी रहेगा।

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परिवहन विभाग के आकलन के अनुसार, हर साल दस लाख से अधिक यात्री बस, टैक्सी, मैक्सी कैब आदि कॉमर्शियल वाहनों से चारधाम यात्रा करते हैं। दूसरे प्रदेशों से भी बड़ी संख्या में चारधाम के लिए ऑल इंडिया परमिट पर वाहन आते हैं। ज्यादातर यह वाहन हरिद्वार से यात्रियों को चारधाम यात्रा पर ले जाते हैं। लोकल परिवहन कारोबारी इसका विरोध करते हैं। समस्या के समाधान के लिए परिवहन विभाग इस बार से ग्रीन कार्ड के साथ ट्रिप कार्ड भी जरूरी करने जा रहा है। ट्रिप कार्ड बाहरी प्रांतों के वाहनों के साथ ही राज्य के वाहनों के लिए भी जरूरी होगा। ट्रिप कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा होगी। यात्रा शुरू होने से पहले यह सुविधा शुरू हो जाएगी।

होंगे ट्रिप कार्ड के फायदे
ट्रिप कार्ड ग्रीन कार्ड के साथ ऑनलाइन बनेगा। इससे यह पता चल जाएगा कि वाहन किस धाम गया है। इसके साथ ही वाहन में कितने यात्री गए हैं। उनके नाम और मोबाइल नंबर भी ऑनलाइन पता चल जाएंगे। ट्रिप कार्ड से बाहरी वाहनों की डग्गामारी पर लगाम लग जाएगी।

10 सीटर तक के वाहनों के ऑनलाइन ग्रीन कार्ड
इस बार यात्रा पर जाने वाले दस सीटर तक के वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाने के लिए आरटीओ और एआरटीओ दफ्तर नहीं आना पड़ेगा। ऐसे वाहनों को ऑनलाइन आवेदन के बाद ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड जारी किए जाएंगे। जबकि दस से अधिक सीट वाले वाहन ग्रीन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, लेकिन कार्ड उनको आरटीओ और एआरटीओ दफ्तर से ही जारी होगा। वाहन के फिट होने पर कार्ड जारी होगा। लोकल वाहनों के ट्रिप कार्ड नहीं बनने चाहिए। इससे वाहन स्वामी अनावश्यक परेशान होंगे। इसका हम विरोध करेंगे।

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