रुद्रपुर में प्राइवेट स्कूल में बच्चों का फीस जमा करने के लिए अभिभावकों ने मांगा सड़क पर चंदा

उत्तराखंड में प्राइवेट स्कूल में बच्चों का फीस जमा करने के लिए अभिभावकों ने मांगा सड़क पर चंदा

उत्तराखंड के रुद्रपुर में कोरोना काल में फीस माफी के लिए अभिभावक एकजुट होकर अभियान चला रहे हैं। जैसा कि हम सभी अभी देख रहे हैं कि पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ है सारे स्कूल बंद है और बच्चे घर पर ऑनलाइन क्लास कर रहे हैं और जितने भी ऑफिस है वह भी बंद है।सभी लोगों का कारोबार ठप हो चुका है उनकी आमदनी जो है वह बंद हो चुकी है जिससे वह आर्थिक तंगी की जिंदगी जी रहे हैं।ऐसे में भी प्राइवेट स्कूल में बच्चों को फीस को लेकर प्रिंसिपल हंगामा खड़ा कर दिए हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों के अभिभावक का कहना है कि सभी प्राइवेट स्कूल को बच्चों के अभिभावकों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए स्कूल का फीस माफ कर देना चाहिए लेकिन प्रिंसिपल और स्कूल टीचर यह बात समझने के लिए तैयार ही नहीं है। ऐसे में बच्चों के अभिभावकों ने अपने बच्चों का फीस जमा करने के लिए सड़कों पर चंदा मांग रहे हैं। ताकि वह अपने बच्चों का स्कूल फीस जमा कर सके। उत्तराखंड में बच्चों के अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल फीस माफ करने के लिए मुख्यमंत्री को अपने खून से पत्र लिखा है ताकि उनके बच्चों का स्कूल फीस माफ किया जाए।

करोना काल में स्कूल में फीस भरने के लिए के अभिभावकों ने सड़कों पर मांगा चंदा

उत्तराखंड के हल्द्वानी में प्राइवेट स्कूल के बच्चों की फीस माफी को लेकर अभिभावकों ने सड़क पर चंदा वसूलना शुरू कर दिया था कि वह अपने बच्चों का स्कूल में फीस भर सके। शनिवार को अभिभावकों ने फीस जुटाने के लिए शहर में चंदा मांगा। सरकार और प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने खुब जमकर नारे भी लगाऐ
उत्तराखंड के बुद्ध पार्क से चंदा मांगने की शुरुआत किया गया इस रैली में बच्चों के अभिभावक ने ठेले-फड़, दुकानदारों, रेस्टोरेंट में जा जाकर चंदा जमा किया। आंदोलन के संयोजक रोहित कुमार ने कहा कि धरने को 25 दिन बीत चुके हैं। लेकिन इसे प्राइवेट स्कूल वाले पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है वह अभिभावकों के आर्थिक स्थिति को ना तो देख पा रहे हैं और ना ही समझ पा रहे हैं वह समझना ही नहीं चाहते हैं कि इस करोना काल में जब हर एक रोजगार बंद था तो वह अपने बच्चों का फीस कहां से स्कूल में देंगे। अभिभावकों की आर्थिक हालात सरकार और प्राइवेट स्कूलों के लिए कोई मायने नहीं रखती। इसी के चलते आज तक किसी ने भी कोई सुध नहीं ली। कहा कि ऐसी हालत में चंदा एकत्र करना ही एकमात्र रास्ता है। इस मौके पर रईस वारसी गुड्डू, नईम आदि मौजूद रहे।

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