पिथौरागढ़

बेरीनाग: सरकारी लापरवाही से छीड़ेश्वर जल प्रपात पर्यटकों से दूर

बेरीनाग से दस किमी दूर गरांऊ गाॅव में स्थित छीड़ेश्वर जल प्रपात सरकारी लापरवाही से श्रेत्र में सड़क नहीं होने के कारण पर्यटको से दूर है। जिसमें सात किमी सड़क तक और तीन किमी पैदल मार्ग से झरने तक पहुंचा जा सकता है ।90 फीट की ऊंचाई से गिरने वाले झरने की फुहारें झरने के तल सूर्यकुंड में पड़ती है तो मनमोहक दृश्य दिखाई देता है है जो बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करता है । इस झील का वर्णन मानसख॔ड में भी वर्णित है । जिसे देवताओं का स्थान बताया गया है ।

पिंगलनाग की पहाड़ियों से आने वाली गौरी नदी को पवित्र नदी बताया गया है । गरांऊ गाव व झील तक जाने के लिये तीन सड़क योजनाऐं बन रही है । देवीनगर सकनोली सड़क मार्ग, हलियाडोप गरांऊ सड़क मार्ग, ढिनौली सानीखेत सड़क मार्ग को गरांऊ गांव को जोड़ने के लिए बनाया गया जो पूरी नहीं होने के कारण गरांऊ गांव तक नहीं पहुंची है।

जिस कारण झरने तक जाने के लिए तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है । जिस कारण यहाँ शोसल मीडिया और व्हासटएप ग्रूप से जानकारी होने के।बाद भी पर्यटक यहाँ का रूख नहीं करते हैं ।ग्रामीण कमलेश पंत और दीप पंत ने बताया की गरांऊ गांव के लिए तीन सड़कें सरकार द्रारा बनाई गई है ।दस साल से तीनों का निमार्ण पूरा नहीं होने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश है ।

उन्होंने बेरीनाग, चौकोड़ी, पातालभुवनेश्वर पर्यटक स्थलों के साथ जोड़ कर देवीनगर सकनोली सड़क मार्ग में कालीताल और प्राचीन शिव मंदिर पुंगेश्वर जो कत्यूरी राजाओं की अद्भुत वास्तुकला के कारण प्रसिद्ध है को जोड़कर पर्यटन सकिंल बनाने की मांग की। फिर भी स्थानीय स्तर पर यहाँ पर लोग झील को देखते जाते है ।

Arjun Rawat

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