पिथौरागढ़

राज्य के पहाड़ी जनपदों में कोरोना सैम्पलिंग किए जाने में पिथौरागढ़ प्रथम स्थान पर

पिथौरागढ़

जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर लगातार प्रयास जारी हैं। जिसको लेकर नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में सैम्पलिंग का कार्य जारी है। इसके लिए नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक विकास खंडवार 5-5 जांच टीमें बनाई गई हैं।इसके अतिरिक्त जिले में प्रवेश वाले विभिन्न स्थानों धमौड़, पनार,सेराघाट में भी जांच टीमें बनाई गई हैं। जिलाधिकारी आनन्द स्वरूप द्वारा जिले में कोरोना संक्रमण को पूर्णतया खत्म करने के लिए जिले में अधिक से अधिक सैम्पलिंग किए जाने का निर्णय लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप आज पिथौरागढ़ जिला राज्य में सभी पहाड़ी जनपदों में कोरोना सैम्पलिंग किए जाने में प्रथम स्थान पर आ गया है।

जो पूर्व में प्रदेश में अंतिम स्थान पर था। कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोके जाने के लिए अधिक से अधिक सैम्पलिंग महत्वपूर्ण है।इसी के मद्देनजर जिले में प्रत्येक गांव में टीम जाकर कोरोना सैम्पलिंग कर रही है इसके लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर रैपिड किट एवं आरटी पीएसीआर सैम्पलिंग पर्याप्त संख्या में किट रखी गई है। इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालय सहित सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर भी चिकित्सा सुविधाएं लागातार उपलब्ध कराई जा रही है।कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए ग्रामीण स्तर पर आवश्यक दवाओं से सम्बंधित कोरोना किट के अतिरिक्त प्रत्येक परिवार तक आइबरमैक्टीन दवा का भी वितरण किया जा रहा है।

जिलाधिकारी आनन्द स्वरूप द्वारा प्रत्येक विकास खण्ड स्तर पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों व मेडिकल व्यवस्थाओं व दवा वितरण के साथ ही कोरोना की तीसरी लहर की सम्भावना के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां के सम्बंध में प्रत्येक दिन सभी उपजिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों से वर्चुवल बैठक के माध्यम से समीक्षा की जा रही है।

जिलाधिकारी ने वर्चुवल बैठक के माध्यम से कोरोना संक्रमण के नियंत्रण को लेकर की जा रही कार्यवाही के सम्बन्ध में समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में सभी गांवों में कोरोना किट के साथ ही प्रत्येक परिवार को आइबरमैक्टीन दवा का भी वितरण किया जा रहा है। दवा का वितरण समय पर हो, इसके लिए इस कार्य को एक अभियान के तहत कराया जाय। जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि कोरोना किट प्रत्येक आशा तक उपलब्ध करानी है तथा आइबरमैक्टीन दवा जिसे प्रत्येक परिवार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती द्वारा वितरित की जानी है, उक्त दवा को विकास खण्ड मुख्यालय से ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को उपलब्ध कराएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि दवा समय पर लोगों तक प्राप्त हो इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर सम्बंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के साथ किसी एक अन्य विभाग के कार्मिक,शिक्षक अथवा महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि की भी तैनाती उपजिलाधिकारी अपने स्तर से कर सकते हैं। साथ ही सभी उपजिलाधिकारी यह भी सुनिश्चित कर लें कि सर्व प्रथम दवा का वितरण दूरस्थ गांव में किया जाय।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक परिवार तक दवा का वितरण हो इसके लिए सभी उप जिलाधिकारी अपने स्तर से दूरभाष एवं अन्य माध्यमों से भी परीक्षण व सत्यापन भी करा लें इसके अतिरिक्त ग्रामीणों से भी फोन के माध्यम से वार्ता कर जानकारी लेते रहें। उन्होंने कहा कि दवा वितरण का कार्य निर्वाचन मोड़ के तहत कराया जाय, इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि दवा वितरण के कार्य में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ती को कोरोना बचाव से संबंधित आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों में संक्रमण की रोकथाम को लेकर विशेष अभियान चलाना है सभी उपजिलाधिकारी अपने क्षेत्र में प्रतिदिन बीमार बच्चों की जानकारी लेने के साथ ही उनकी सैम्पलिंग कर उन्हें दवा उपलब्ध कराते हुए उपचार कराने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। जिलाधिकारी ने ग्राम स्तरीय निगरानी समिति से भी कहा है कि वह गांव के बच्चों पर लगातार नजर बनाए रखें।

जिलाधिकारी ने बाल विकास विभाग को एक सप्ताह के भीतर टेक होम राशन भी सभी लाभार्थियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि क्षेत्रान्तर्गत यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाता है, तो तत्काल उसे चिह्नित कर उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाय।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने कहा कि गांव में आशाओं की शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज हो इसके लिए उपजिलाधिकारी इसका सत्यापन अपने स्तर से करा लें। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र में ऐसे कोई बच्चे हैं, जिनके माता पिता की इस कोरोनाकाल में मृत्यु हो गई है और अनाथ हो गए हैं, उन्हें चिह्नित कर तत्काल आवश्यक सहायता,रहने भोजन,शिक्षा आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए अवगत कराया जाय।

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए नियमित सैम्पलिंग आवश्यकीय है इसके लिए रैपिड एवं आरटीपीसीआर किट का पर्याप्त स्टॉक रखते हुए नियमित सैम्पलिंग टीम को ग्रामीण क्षेत्रों में सैम्पलिंग के लिए भेजें तथा सैम्पलिंग को बढ़ाया जाय।

जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी धारचूला को निर्देश दिए कि सेना द्वारा धारचूला में कोविड चिकित्सालय खोले जाने के लिए वे स्थल का निरीक्षण करते हुए सेना के साथ समन्वय बनाए रखें।

वर्चुवल बैठक में अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल, समेत सभी तहसीलों से सम्बंधित उपजिलाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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