पिथौरागढ़

पिथौरागढ़: पौधरोपण व नदी पुनर्जीवन थीम पर नदी एवं जल संरक्षण के लिए होंगे कार्य : डीएम

पिथौरागढ़
जनपद में बृहद संख्या में पौधारोपण के साथ ही नदी पुनर्जीवन थीम पर नदी एवं जल संरक्षण के लिए कार्य किया जाएगा। यह बात विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी आनन्द स्वरूप ने हरेला पर्व के आयोजन एवं मानसून काल में किए जाने वाले पौधारोपण कार्यक्रम की तैयारी बैठक के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष नदी पुनर्जीवन थीम व नदी संरक्षण के लिए कार्य किया जाएगा, जिसमें जिला मुख्यालय में यक्षवती नदी पुनर्जीवन के लिए सर्वे का कार्य करने के साथ ही पूर्व वर्षों में इसके कैचमेंट एरिया में विभिन्न विभागों द्वारा पौधारोपण व जल संचय के लिए किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने के अतिरिक्त किए गए कार्यों की मॉनिटरिंग की जाएगी। जिलाधिकारी ने आगामी 16 जुलाई को आयोजित होने वाले हरेला पर्व पर बृहद वृक्षारोपण के लिए सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर विभागीय कार्ययोजना तैयार करते हुए उसके अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि यक्षवती नदी पुनर्जीवन के लिए उसमें प्रभावित हो रहे गंदे नालों की रोकथाम के लिए स्थाई समाधान की कार्रवाई की जाय जिन व्यक्तियों द्वारा भी गंदे नाले को यक्षवती नदी में प्रवाहित किया गया है, उन्हें चिह्नित कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही व अर्थदंड लगाया जाय। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को इन नालों का ट्रीटमेंट करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यक्षवती नदी के अतिरिक्त प्रत्येक विकास खंड में एक जल श्रोत को संरक्षित करने का इस वर्ष प्रस्ताव तैयार कर कार्य कराया जाय, इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी इसका विकास खण्डवार चयन करना सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय जनता के साथ ही हम सभी को भी जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी लेनी होगी।ग्रामीण क्षेत्रों में पौधारोपण कार्यक्रम में स्थानीय लोगों को भी शामिल करते हुए उनके अनुसार ही कार्य किया जाय। इस दौरान जिलाधिकारी ने चौड़ी पत्ते वाले व चारा प्रजाति के पौधों का रोपण करने की बात कही, जिससे ग्रामीणों को अपने पशुओं के लिए चारा भी प्राप्त हो और वह पौधों की देखरेख भी करें।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा हरेला पर्व एवं मानसून काल के दौरान कराए जाने वाले पौधारोपण के लिए विभागीय कार्ययोजना से अवगत कराया गया।

प्रभागीय वनाधिकारी अधिकारी विनय भार्गव ने बताया कि वन विभाग के द्वारा इस वर्ष 36500, आईटीबीपी द्वारा 12000,सेना की पर्यावरण बटालियन द्वारा 5000, उद्यान विभाग द्वारा 11000, नगर पालिका पिथौरागढ़ द्वारा 15000,एसएस बी द्वारा 18000, ग्राम्य विकास विभाग द्वारा कुल 60000, पौध सभी 686 ग्राम पंचायतों में तथा पुलिस विभाग द्वारा 1000,पौध रोपित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्यों को भी पौध उपलब्ध कराए जाय,ताकि वह भी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकें।

बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका राजेन्द्र रावत ने कहा कि हरेला पर्व के अवसर पर नगर पालिका द्वारा चंडाक क्षेत्र के आस-पास 500 पौधों का रोपण किया जाएगा। बैठक में हरेला सोसाइटी से आए मन्नू डफाली द्वारा रई यक्षवती नदी क्षेत्र अंतर्गत विगत वर्षों में कराए गए संरक्षण के कार्यों व आगामी योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए सुझाव दिए गए।

बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा,मुख्य विकास अधिकारी अनुराधा पाल, सेनानी आईटीबीपी जाजरदेवल नरेन्द्र कुमार,लेफ्टिनेंट कर्नल 130 टीए विशाल शर्मा, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, पुलिस उपाधीक्षक आरएस रौतेला,सहायक कमांडेंट एसएसबी अल्का, समीर राणा, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अतिरिक्त सेना से पर्यावरण बटालियन, एस एस बी,आईटीबीपी आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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