पिथौरागढ़

पिथौरागढ़: दारमा घाटी से 22 लोगों को रेस्क्यू कर पहुंचाया धारचूला, डीएम ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

पिथौरागढ़
सीमांत जनपद में बीते दिनों भारी बारिश के कारण तहसील धारचूला के अंतर्गत दारमा घाटी को जाने वाली सड़क विभिन्न स्थानों में क्षतिग्रस्त हो गई थी जिससे आवागमन भी बाधित हो गया तथा दारमा घाटी में स्थानीय लोगों को कौशल विकास एवं स्वरोजगार संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करने गई विभिन्न विभागों के अधिकारियों,कर्मचारियों की 20 सदस्यीय टीम भी दारमा घाटी के दुग्तू व ढाकर गांव में फंस गई।

मंगलवार को राज्य सरकार के हैलीकॉप्टर द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाकर ढांकर से 20 में से 16 व्यक्तियों (अधिकारियों/कर्मचारियों) को धारचूला लाया गया। इनके अतिरिक्त क्षेत्र के नागलिंग गांव से दो दिन का जच्चा -बच्चा सहित अन्य चार को तथा बूंदी से दो वृद्ध बीमार व्यक्तियों को कुल 22 लोगों को तहसील मुख्यालय धारचूला लाया गया। इसके अतिरिक्त हैलीकॉप्टर के द्वारा दारमा घाटी के ग्राम सेला में 10 पैकेट खाद्यान्न भी पहुंचाया गया। बुधवार को भी रेस्क्यू अभियान जारी रहेगा।

जिलाधिकारी आनन्द स्वरूप द्वारा धारचूला पंहुचकर रेस्क्यू ऑपरेशन के अतिरिक्त काली नदी किनारे घटखोला क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। इस दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं विधायक धारचूला द्वारा सिंचाई विभाग द्वारा घटखोला में काली नदी से हो रहे भू कटाव की रोकथाम के लिए किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों का भी निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को तत्काल सुरक्षात्मक कार्य करने के साथ ही दीर्घकालिक सुरक्षात्मक प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी द्वारा स्थानीय लोनिवि निरीक्षण भवन में विभिन्न अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने सिंचाई विभाग को धारचूला, बलुवाकोट व लुमती क्षेत्र में नदी किनारे तत्काल वायर क्रेट लगाकर सुरक्षात्मक कार्य करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को चल व सेला में तत्काल गरारी स्थापित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बीआरओ के अधिकारियों को कंज्योति में मोटर पुल एवं जौलजीबी मुनस्यारी बन्द सड़क को शीघ्रता से खोले जाने के निर्देश दिए। बैठक में विधायक धारचूला हरीश धामी द्वारा क्षेत्र से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। बैठक में जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी धारचूला को निर्देश दिए कि मानसून काल में किसी भी प्रकार की प्राकृतिक घटना से निपटने के लिए 24 घंटे अलर्ट रहते हुए विभिन्न विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें, तथा तत्काल कार्यवाही करें।

इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा जौलजीबी-मुनस्यारी मोटर मार्ग का भी निरीक्षण किया गया।उन्होंने लुमती में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण करते हुए तत्काल सड़क निर्माण के संबंध में बीआरओ के अधिकारियों को निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक सुखबीर सिंह,उपजिलाधिकारी धारचूला ए के शुक्ला, डीडीहाट के एन गोस्वामी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!