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उत्तराखंड पंडित दीनदयाल गृहआवास योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

पंडित दीनदयाल गृहआवास योजना

पंडित दीनदयाल उपाध्याय गृहआवास योजना : पश्चिम देशों की तरह अब हमारे देश में भी होमस्टे का प्रचलन बढ़ रहा है। बहुत सारे लोगों का पहाड़ों पर घूमना शौक होता है। लोग पहाड़ की लोकल (स्थानीय) संस्कृतियों और लोगों से लोग जानना और नजदीक से जुड़ना चाहते हैं। इसलिए बहुत से लोग अब होटलों की वजह होमस्टे को प्राथमिकता देते हैं।

उत्तराखंड सरकार द्वारा पंडित दीनदयाल गृहआवास (होमस्टे) योजना चलाई जा रही है। यह योजना उत्तराखंड में होम स्टे से संबंधित है। उत्तराखंड में आने वाले पर्यटक यहां के स्थानीय निवासियों के घर में ही ठहर सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों की आजीविका में सुधार होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

पंडित दीनदयाल गृह आवास योजना के तहत आवेदन करने वाले लोगों को प्रदेश सरकार की तरफ से आर्थिक मदद भी प्रदान की जाती है। इस योजना के माध्यम से लोग अपने घरों का इस्तेमाल पर्यटकों को ठहरने के लिए होमस्टे के रम में कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है। 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय गृहआवास योजना –

स्थानीय लोगों की आजीविका को बेहतर करने तथा लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार दृढ़ संकल्प है। इसलिए प्रदेश सरकार ने दीनदयाल गृह आवास योजना के साथ वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना भी शुरू की है। जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति को बेहतर किया जा सके।

उत्तराखंड पंडित दीनदयाल होमस्टे योजना का उद्देश्य

  • स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना।
  •  प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को स्थानीय व्यंजनों सांस्कृतिक ऐतिहासिक धरोहर तथा पारंपरिक पहाड़ी शैली से रूबरू करवाना
  •  प्रदेश के लोगों को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करना, जिससे पलायन को रोका जा सके।

सब्सिडी का प्रतिशत – 

 पंडित दीनदयाल गृह आवास योजना के तहत प्रदेश सरकार सब्सिडी प्रदान करती है। होमस्टे को विकसित करने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को लागत का 33 फीसदी या 10 लाख तक सब्सिडी प्रदान की जाती थी। अब इस सब्सिडी को बढ़ा दिया गया है। अब पंडित दीनदयाल गृह आवास योजना के तहत  50 फीसदी या अधिकतम 15 लाख तक की सब्सिडी सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। 

होमस्टे योजना के फायदे (Benefits of Homemstay Scheme in Hindi)

  • पहाड़ी क्षेत्रों के होमस्टे के लिए घरों को नवीनीकरण करने के लिए बैंक से मिलने वाले ऋण में सब्सिडी।
  • होम स्टे की योजना, स्थानीय लोगों को कमाई का जरिया करने से सम्बंधित योजना है।
  •  इस योजना को शुरू करने के 3 साल तक जीएसटी की धनराशि की भरपाई पर्यटन विभाग द्वारा की जाएगी अर्थात जीएसटी में छूट होगी।
  • योजना के प्रचार-प्रसार हेतु वेबसाइट और ऐप का निर्माण किया गया है। 
  • होमस्टे के लिए चुने गए लाभार्थियों को आतिथ्य सत्कार की ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। 
  • योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से लिया जाएगा।
  • पुराने भवनों के नवीनीकरण साज-सज्जा अनुरक्षण तथा दो लाख की सीमा तक में शौचालय के निर्माण पर वह परिवर्तन की आवश्यकता नहीं होगी। घरों का इस्तेमाल व्यवसायिक रूप से किया जा सकेगा। 
  • पर्यटक स्थानीय कल्चर को आसानी से समझ सकेंगे।

दीनदयाल होमस्टे योजना की पात्रता एवं शर्तें –

दीनदयाल होमस्टे योजना की पात्रता एवं शर्तें निम्नलिखित प्रकार से हैं-

  • आवेदन करने वाला व्यक्ति अपने परिवार के साथ घर पर ही रहता हो।
  •  योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। 
  • योजना का लाभ केवल उत्तराखंड के निवासियों को दिया जाएगा। 
  • आवेदन करने वाले व्यक्ति का खुद का घर होना अनिवार्य है।
  •  पर्यटकों को रखने के लिए 1-6 कमरे का इंतजाम आवश्यक है।
  •  यह योजना नगर निगम क्षेत्र को छोड़कर पूरे उत्तराखंड में लागू होगी।
  •  पारंपरिक पहाड़ी शैली से निर्माण किए गए घरों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।
  •  सब्सिडी द्वारा हासिल की गई धनराशि के अलावा बची हुई धनराशि का इंतजाम आवेदक को स्वयं करना होगा। 
  • इसके लिए आवेदक लोन का सहारा ले सकते हैं।

दीनदयाल उपाध्याय पंडित दीनदयाल होमस्टे योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज –

  • आवेदन करने वाले व्यक्ति का उत्तराखंड का निवास प्रमाण पत्र
  •  आधार कार्ड 
  • वोटर आईडी कार्ड 
  • एड्रेस प्रूफ
  • मोबाइल नंबर
  •  ईमेल आईडी।

पंडित दीनदयाल गृहआवास योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें step by step जाने –

  • उत्तराखंड के वे लोग जिनका अपना खुद का घर है वह इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
  • योजना से जुड़े आधिकारिक जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट http://vcsgscheme.uk.gov.in देखे।
  • ऑफिशियल वेबसाइट पर होम पेज खुलेगा जहां पर रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) के विकल्प पर क्लिक करें।
  •  अब एक नया पेज खुलेगा जहां पर योजना का फॉर्म दिखाई देगा।
  •  सबसे पहले योजना का नाम चुने।
  •  अब फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारियों को सही सही भरे और सबमिट करें।
  • सभी जानकारियों की जांच की जाएगी। सूचना सही होने पर विभाग की तरफ से सूचित किया जाएगा।

यह भी जाने: देवभूमि उत्तराखंड के चंपावत जिले का इतिहास| History of Champawat in Hindi 

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