देवभूमि न्यूज़देहरादून

देहरादून: प्रदेश के 13 लाख से अधिक परिवारों को मुफ्त में बिजली देने का प्रस्ताव

देहरादून: धामी सरकार ने चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के 13 लाख से अधिक बीपीएल व अंत्योदय परिवारों को बिजली बिलों में राहत देने की तैयारी कर रही है। ऊर्जा मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने कहा है कि बीपीएल व अंत्योदय परिवारों को एक निश्चित होना यूनिट तक मुफ्त में बिजली देने के लिए विचार विमर्श हो रहा है। इसके साथ ही कृषि बागवानी व डेरी से जुड़े उद्योगों को भी व्यवसायिक बिजली के बजाय घरेलू दरों पर बिजली देने की बात कही जा रही है। जल्द ही इन दोनों विषयों पर प्रस्ताव लाकर इन्हें पारित करवाया जाएगा।

 ऊर्जा, वन पर्यावरण, श्रम कौशल एवं आयुष मंत्री डॉ रावत ने कहा है कि जिस तरह से बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को मुफ्त में खाद्यान्न देने के मानक है, उसी मानक के अनुसार मुफ्त बिजली देने के लिए भी मानक जल्दी तैयार किया जाएगा। और एक निश्चित यूनिट तक 13 लाख परिवारों को बिजली मुफ्त में प्रदान की जाएगी। उन्होंने आगे यह भी कहा कि इस बारे में ऊर्जा निगम के अधिकारियों को सभी पहलुओं पर विचार करके प्रस्ताव तैयार करने के दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

 डॉ हरक सिंह रावत ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से उपजी परिस्थितियों में कृषि, बागवानी और डेयरी से जुड़े उद्योग मददगार रहे है। ऐसे में यह रोजगार के लिहाज से एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं। इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोग उद्योग के लिए आगे आये इसके लिए उद्यमियों को व्यवसायिक बिजली के बजाय घरेलू ट्रैफिक में शामिल करने के लिए विचार किया जा रहा है, और इसके लिए जल्दी प्रस्ताव लाया जाएगा।

गृह मंत्री से मिलेगे ऊर्जा मंत्री – 

ऊर्जा मंत्री डॉ हरक सिंह रावत मंगलवार को देर शाम दिल्ली पहुंच गए हैं। फोन पर हुई बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट करके राज्य के विकास से जुड़ी योजनाओं पर विचार विमर्श करेंगे। उन्होंने मुख्य रूप से गढ़वाल – कुमायूं को जोड़ने वाली कंडी रोड के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों की बैठक पर जोर देने के लिए बात की जाएगी।

 बता दें कि यह सड़क उत्तराखंड के दोनों मंडलों को राज्य के भीतर सीधे आपस में जोड़ने का काम करती है। लेकिन इसके चिलरखाल, कालागढ़ व रामनगर हिस्से में पर्यावरण क्षेत्र आने से पेंच फंसा है। ऐसे में इसके कुछ हिस्से को उत्तर प्रदेश से गुजारने की बात पर विचार किया जा रही है।

यह भी देखे : पिथौरागढ़: जिलाधिकारी ने की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की वर्चुवल बैठक के माध्यम से समीक्षा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!