कोरोना काल के बाद बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते ही 10578 लोगों ने भगवान के दर्शन किए

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कोरोना काल के बाद बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते ही 10578 लोगों ने भगवान के दर्शन किए

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि 2020  कोरोना वायरस हमारे पूरे देश में फैला हुआ है ऐसे मी लॉकडाउन लगा दिया गया था जिसकी वजह से जितने भी तीर्थ स्थान थे वहां लोगों का जाना आना बंद हो गया था और भगवान के मंदिर में भी ताला बंद हो गया था लेकिन ऐसे में भी  बदरीनाथ धाम में यात्रियों की आवागमन लगातार जारी ही रहा है। लोगों का मानना है कि बदरीनाथ धाम के दर्शन मात्र से ही जन्म जन्मांतर के पाप पुण्य मैं बदल जाता है। खबर सामने आ रही है कि बद्रीनाथ धाम का कपाट खुलने से लेकर अभी तक धाम में 10578 यात्री दर्शन कर चुके हैं। हालांकि, यात्री सीमित संख्या में ही बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान के दर्शन किऐ।

सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि बद्रीनाथ धाम का कपाट 30 अप्रैल को ही खुलने वाला था लेकिन कोरोना वायरस के कारण नहीं खुल पाया इसकी तिथि आगे बढ़ा दी गई थी 15 मई को बदरी विशाल के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन करने के लिए खोले गए थे। बताया जा रहा है कि वदरी विशाल के दर्शनों के लिए पहले सिर्फ चमोली और बाद में उत्तराखंड के सभी लोगों को आज्ञा  दिया गया था। कोरोना संक्रमण के बाद भी भगवान बदरी विशाल की यात्रा को लेकर लोगों में खूब उत्साह दिख रहा है। बताया जा रहा है कि बद्री विशाल के कपाट खुलते ही 29 अगस्‍त तक 10,578 श्रद्धालु नारायण के दर पर अपना माथा टेक चुके हैं।

 जाने बदरीनाथ धाम के क्या है महत्व

जैसा कि हम सभी जानते हैं बदरीनाथ धाम को चारों धामों में सबसे ऊंचा माना जाता है। बदरी सदृशं तीर्थ न भूतो न भविष्यति। सूत्रों के अनुसार कहा गया है कि  बदरीनाथ धाम के समान तीर्थ न तो कभी भूतकाल में था और न ही भविष्य काल में कभी होगा। बदरीनाथ मंदिर में भगवान विष्णु की एक मीटर ऊंची शालिग्राम मूर्ति चतुर्भुज रूप में है। लोगों के मान्यता के अनुसार बताया जा रहा है कि आदि गुरु शंकराचार्य ने आठवीं शताब्दी में नारदकुंड से निकालकर इस मूर्ति को मंदिर में विराजित किया था। बदरीनाथ मंदिर के निर्माण के प्रमाण सातवीं से नौवीं सदी के बीच के मिलते हैं। बदरीनाथ धाम समुद्र तल से 3133 मीटर की ऊंचाई पर  है। 

जाने कैसे पहुंचे  बद्रीनाथ धाम

अगर आप कभी  बद्रीनाथ धाम जाना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले बदरीनाथ धाम के दर्शनों के लिए उत्तराखंड में हरिद्वार या ऋषिकेश से वाहन लेकर बद्रीनाथ जा सकते हैं हरिद्वार या ऋषिकेश से बद्रीनाथ धाम की दूरी 296 किलोमीटर है 

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