देहरादून मे नवमी और दशमी के 20,000 छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ दिया जाऐगा, रोजगार

देहरादून मे नवमी और दशमी के 20,000 छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ दिया जाऐगा, रोजगार

देहरादून मे सरकारी स्कूलों मे जितने भी छात्र-छात्राएं दशमी और नवमी कक्षा में पढ़ते हैं उन सभी 20,000 छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ रोजगार भी दिया जाएगा।जिससे कि वो पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार भी कर सके।सभी छात्र छात्राओं को आठ व्यावसायिक ट्रेडों में प्रशिक्षण लेने के बाद पात्र और इच्छुक प्रशिक्षित विद्यार्थियों को प्लेसमेंट भी दिलाया जाएगा।

उत्तराखंड में बहुत दिनों के बाद लंबे समय के बाद सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में इसी सत्र से व्यावसायिक शिक्षा शुरू होने वाला है।

व्यावसायिक पार्टनर के लिए चयनित कंपनी मैसर्स विजन इंडिया सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा के साथ शिक्षा विभाग ने इन सब से बात किया है।
बताया जा रहा है की पहले चरण में यह 200 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शुरू होने वाली है। नवीं और दसवीं कक्षा में इसे शुरू किया जाऐगा।

इन दोनों कक्षाओं के करीब 20 हजार छात्र-छात्राओं को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इस पर शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि प्रत्येक स्कूल में एक या दो व्यावसायिक ट्रेड की शुरुआत किया जिऐगा। प्रत्येक ट्रेड में 40 छात्र-छात्राओं को दाखिला मिलेगा।

उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षक, अतिथि शिक्षक और दक्ष प्रशिक्षकों की जरूरत के अनुसार स्कूलों में व्यवस्था करवाई जाएगी। उक्त ट्रेडों के सैद्धांतिक, प्रायोगिक और आंतरिक मूल्यांकन की जिम्मेदारी विद्यालयी शिक्षा परिषद की होगी। अच्छी बात ये है कि प्रायोगिक कार्यों की दक्षता के लिए छात्रों को औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भ्रमण कराया जाएगा। साथ में लेवल-4 की परीक्षा पास करने के बाद पात्र और इच्छुक छात्र-छात्राओं को जॉब मार्केट में प्लेसमेंट भी दिलाया जाएगा।

व्यावसायिक शिक्षा सबसे बङा उद्देश्य

शिक्षित और रोजगार के बीच अंतर कम करना

माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट कम करना

उच्च शिक्षा पर शैक्षणिक दबाव कम करना।

ये है वो ट्रेड

-आइटी, ऑटोमेटिव, रिटेल, टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी, प्लंबर, इलेक्ट्रॉनिक और हार्डवेयर, एग्रीकल्चर

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