पिथौरागढ़

पिथौरागढ़: जिंदगी और मौत से जूझ रहे कर्मयोगी को मदद की दरकार सुशीला तिवारी अस्पताल में लड़ रहे हैं जिंदगी की जंग

जिंदगी और मौत से जूझ रहे कर्मयोगी को मदद की दरकार सुशीला तिवारी अस्पताल में लड़ रहे हैं जिंदगी की जंग

पिथौरागढ़:

कर्मयोगी शंकर चंद पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा है। दोनो किडनियां फेल हो जाने से उनकी जिंदगी पर बन आई है। पिछले 25 वर्ष से लोगों के घरों में रोज समाचार पत्र पहुंचा रहे कर्मयोगी के साथ तीन और जिंदगियां जुड़ी हुई हैं। प्राथमिक उपचार में ही अपनी पूरी जमा पूंजी खर्च कर चुके कर्मयोगी का जीवन बचाने के लिए अब लोगों की मदद की दरकार है।

जिला मुख्यालय के नजदीकी धारीगाड़ के रहने वाले 46 वर्षीय शंकर चंद पिछले 25 वर्ष से नगर में समाचार पत्र वितरण का कार्य कर रहे हैं। हर रोज 10 किमी. दूर से जिला मुख्यालय आने वाले इस कर्मयोगी का परिवार पूरी तरह उन्हीं पर आश्रित है। उनके मासूम पुत्री उर्मिला चंद कक्षा तीन की छात्रा है और पुत्र कार्तिक चंद पांचवीं कक्षा का छात्र है। दोनों बच्चे प्राथमिक विद्यालय बीसाबजेड़ में पड़ रहे हैं।

पत्नी कमला चंद गृहणी हैं। कुछ रोज पूर्व अचानक उनका स्वास्थ गड़बड़ा गया। जांचे हुई तो पता चला कि दोनों किडनियां खराब हो चुकी है। पिथौरागढ़ जिला चिकित्सालय में दो दिन भर्ती रहे शंकर की हालत में कोई सुधार नहीं होने पर उन्हें हल्द्धानी सुशीला तिवारी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। जहां उन्हें फिलहाल आईसीयू में रखा गया है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाए जाने की जरूरत है। उपचार में काफी धनराशि की आवश्यकता है। कर्मयोगी अब तक अपने उपचार में सारी जमा धनराशि खर्च कर चुके हैं।

पिथौरागढ़ के लोगों को एक बार फिर कर्मयोगी के साथ ही उसके पूरे परिवार को सहारा देने की आवश्यकता है। जिले के लोग पहले भी थोड़ी थोड़ी मदद से कई जीवन बचा चुके हैं। सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश कलौनी ने कहा है कि मदद के लिए यूनियन बैंक की पिथौरागढ़ शाखा मेें खाता खोला गया है। जिसका खाता संख्या 601402120000148 तथा आईएफएससी कोड यूबीआईएन 0560146 है। मदद देने वाले इस खाते में मदद भेज सकते हैं।

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